15 साल की उम्र में 8 लोगों ने किया रेप, एसिड अटैक हुआ, अब तक 22 हजार महिलाओं को यौन तस्करी से आजाद करा चुकी है ये महिला

sunitha krishnan

चैतन्य भारत न्यूज

टेलीविजन के मशहूर रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के 11वें सीजन में शुक्रवार को एक ऐसी महिला आई, जिसकी दर्दनाक कहानी सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। शुक्रवार को होने वाले कर्मवीर एपिसोड में इस बार समाज सेविका सुनीता कृष्णन ने शिरकत की। जब सुनीता 15 साल की थीं तो 8 लोगों ने उनका रेप किया था और पीट-पीटकर उनका कान तक डैमेज कर दिया था। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि कई बार सुनीता को अपने काम के दौरान जानलेवा हमलों का भी सामना करना पड़ा था।



कौन हैं सुनीता कृष्णन

1972 में जन्मीं सुनीता एक समाज सेविका हैं। उन्हें बचपन से ही समाज सेवा करना पसंद था। वह अपने घर के पास स्थित एक गांव में रहने वाले गरीब बच्चों की भी खूब मदद करती थीं। 8 साल की उम्र में सुनीता ने मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों को डांस सिखाना शुरू कर दिया था। 12 साल की उम्र में उन्होंने झुग्गियों में रहने वाले बच्चों के लिए स्कूल चलाना शुरू किया था। 15 साल की उम्र में सुनीता दलित वर्ग के लोगों के लिए कम्यूनिटी नव साक्षरता अभियान चला रही थीं। गांव में बच्चों को पढ़ाने के लिए वह एक दिन सभी इंतजाम कर रही थीं। 8 लोगों की एक गैंग को उनका यह काम पसंद नहीं आया और उन्होंने कहा कि यहां ‘पुरुष प्रधानता’ है। इसके बाद उन सभी ने मिलकर सुनीता के साथ गैंगरेप किया। इतना ही नहीं बल्कि उन लोगों ने सुनीता की बुरी तरह से पिटाई भी की थी, जिसमें सुनीता का एक कान खराब हो गया था। इस भयानक घटना के बाद से ही सुनीता की जिंदगी दहशत और दर्द से भर गई। इसके बाद सुनीता ने एक ऐसी संस्था बनाई जो यौन तस्करी की शिकार महिलाओं-लड़कियों के बचाव और उनके पुनर्वास के लिए काम करती हैं।

1996 में शुरू की संस्था

सुनीता ने ‘प्रज्ज्वला’ नाम की एक संस्था अपने भाई जोश वेटिकाटिल के साथ मिलकर साल 1996 में शुरू की। साथ ही उन्होंने हैदराबाद में वेश्यावृत्ति में संलिप्त महिलाओं के बच्चों की शिक्षा के लिए अपने भाई को एक स्कूल खोलने के लिए राजी किया। सुनीता ने अपने बेमिसाल प्रयासों से अब तक करीब 22 हजार से ज्यादा महिलाओं और लड़कियों को यौन तस्करी से आजाद किया है।

एसिड अटैक भी हुआ

सुनीता ने ‘केबीसी’ में बताया कि, यह काम करना आसान नहीं है। इस काम के चलते अब तक सुनीता पर 17 बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। उनपर ऑटो रिक्शा में हमला किया गया, एसिड फेंका गया, जहर खिलाने की कोशिश की गई, भीड़ ने हमला किया, तलवार से भी हमला किया गया। इतनी बार हमले के बावजूद सुनीता बाल-बाल बच गईं। उनका कहना है कि, ‘मैं मरने से नहीं डरती हूं। जब तक मेरी सांस है, तब तक दूसरी लड़कियां जो इस तरह से पीड़ित वेश्यालयों में हैं, उनके लिए मैं अपनी जिंदगी को कमिट करूंगी।’

पद्मश्री से सम्मानित किया गया

सुनीता के इस नेक काम के लिए उन्हें साल 2016 में देश का चौथा सर्वोच्च सम्मान ‘पद्मश्री’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। साथ ही उन्हें मदर टेरेसा अवार्ड भी दिया गया है। सुनीता के पति का नाम राजेश टचरीवर है, जो फिल्म मेकर हैं। बता दें सुनीता कृष्णनन ने एचआईवी, वेश्यावृति, तस्करी समेत अन्य गंभीर सामाजिक विषयों पर आधारित 14 डॉक्यूमेंट्री फिल्में भी बनाई है।

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