कार्यकाल के आखिरी दिन CJI बोबडे ने केंद्र सरकार को फटकारा, बोले- ऑक्सीजन की कमी से मर रहे लोग

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे आज रिटायर हो जाएंगे। मुख्य न्यायधीश के तौर पर अपने कार्यकाल के आखिरी दिन एसए बोबडे ने सरकार पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि, ‘ऑक्सीजन की कमी की वजह से लोग मर रहे हैं।’ हालांकि इस मामले को 27 अप्रैल यानी मंगलवार तक स्थगित कर दिया है।

एसए बोबडे सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहले ऐसे न्यायाधीश होंगे, जिनके कार्यकाल का ज्यादातर हिस्सा कोविड लॉकडाउन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में चला गया। एसए बोबडे ने अपने 14 माह के कार्यकाल में मात्र 90 दिन ही फिजिकल सुनवाई कर पाए। जस्टिस बोबडे 47वें प्रधान न्यायाधीश हैं।

4 महीने ही कोर्टरूम में सुनवाई की

उन्होंने नवंबर, 2019 में सीजेआई का पद ग्रहण किया था। 18 महीने के कार्यकाल में वह बमुश्किल चार महीने ही कोर्टरूम सुनवाई कर सके। कोरोना के कारण पिछले एक वर्ष से अधिक समय से वर्चुअल सुनवाई हुई। कॉलेजियम की अधिक बैठकें न होने की वजह कोरोना महामारी भी रही।

ये होंगे नए CJI

जस्टिस बोबडे का स्थान जस्टिस एनवी रमना लेंगे। 24 अप्रैल को वह चीफ जस्टिस का पदभार संभालेंगे। जस्टिस रमना 17 फरवरी 2014 को सुप्रीम कोर्ट के जज बने थे। हालांकि, रमना ज्यादा समय तक CJI पद पर काम नहीं कर सकेंगे क्योंकि उनके कार्यकाल में दो साल से भी कम का समय बचा है और वो 26 अगस्त 2022 को रिटायर हो जाएंगे।

साल 2000 में बने थे आंध्र प्रदेश HC के जज

जस्टिस एनवी रमना का जन्म 27 अगस्त 1957 को आंध्र प्रदेश में कृष्ण जिले के पोन्नवरम गांव में हुआ था। वो पहली बार 10 फरवरी 1983 को वकील बने थे। रमना को 27 जून 2000 को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के स्थायी जज के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्होंने 10 मार्च 2013 से 20 मई 2013 तक आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में काम किया था। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के तौर पर उनका कार्यकाल 26 अगस्त 2022 तक होगा। इस तरह वह 16 महीने तक इस अहम पद पर रहेंगे।

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