निर्भया केस: खुद को नाबालिग बता रहा था दोषी पवन गुप्ता, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

pawan gupta

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी पवन गुप्ता को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। पवन ने याचिका दायर कर अपने नाबालिग होने का दावा किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया है।



बता दें पवन गुप्ता ने यह दावा किया था कि 16 दिसंबर 2012 को वह नाबालिग था, इसलिए उसे फांसी नहीं दी जा सकती। जस्टिस आर भानुमति की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने कहा कि, ‘याचिका और दलीलों में कुछ भी नया नहीं है। नाबालिग होने वाली बात ट्रायल कोर्ट में क्यों नहीं बताई गई?’ साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी माना कि घटना के वक्त पवन बालिग था।

पवन के वकील ने दी ये दलीलें

पवन गुप्ता के वकील एपी सिंह ने कोर्ट में गायत्री बाल स्कूल के सर्टिफिकेट का जिक्र किया और कहा कि, ‘यह नया दस्तावेज है। दोषी पवन की जन्मतिथि 8 अक्टूबर, 1996 है। अपराध के समय पवन की उम्र 17 साल 1 महीने 20 दिन थी।’ इसपर बेंच ने कहा कि, ‘इस मामले को कितनी बार उठाएंगे? आप ट्रायल कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे को उठा चुके हैं।’

1 फरवरी को होगी फांसी

कोर्ट के इस आदेश के साथ ही अब निर्भया के दोषियों की फांसी का रास्ता साफ हो गया है। बता दें कि दिल्ली कोर्ट ने निर्भया के चारों दोषियों के लिए नया डेथ वॉरंट जारी किया है। इसके तहत चारों दोषियों को 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा।

दोषियों के पास बचे हैं ये विकल्प

मुकेश सिंह की दया याचिका राष्ट्रपति के पास से भी खारिज होने के बाद उसके पास कोई भी विकल्प नहीं बचा है। जबकि दो दोषियों अक्षय और पवन के पास अभी भी क्यूरेटिव याचिका दाखिल करने का विकल्प है। जबकि अक्षय, पवन और विनय के पास राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास दया याचिका दाखिल करने का संवैधानिक विकल्प बचा है।

ये भी पढ़े…

निर्भया केस: सरकार पर भड़की निर्भया की मां, कहा- मुझे तो सरकार भी मुजरिम लग रही है

1 फरवरी को सुबह 6 बजे होगी निर्भया के दोषियों को फांसी, कोर्ट ने जारी किया नया डेथ वारंट

निर्भया केस: दोषी विनय शर्मा ने की शौचालय में आत्महत्या की कोशिश, सुरक्षाकर्मियों ने इस तरह बचाया

Related posts