हिमाचल HC के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी, कहा- फैसला पढ़ते-पढ़ते सिर दर्द करने लगा, टाइगर बाम लगाना पड़ा

Supreme Court

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के जजों ने शुक्रवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान दिलचस्प टिप्पणी की। मामला हिमाचल हाईकोर्ट के एक फैसले से जुड़ा था। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसला लिखने के तरीके पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। सुनवाई कर रही पीठ में शामिल जज ने कहा, ‘फैसला पढ़कर हमें टाइगर बाम लगाने की नौबत आ गई। फैसला सरल भाषा में होना चाहिए, उसमें थीसिस नहीं होनी चाहिए।’

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने साथी जज से पूछा, ‘फैसले में लिखा क्या गया है?’ इस पर बेंच में उनके सहयोगी जस्टिस एमआर शाह ने कहा, ‘मुझे भी समझ में नहीं आया। लंबे-लंबे वाक्य हैं। जगह-जगह काॅमा लगे हैं। इसे पढ़ते-पढ़ते मेरा तो सिर दर्द होने लगा। बाम लगाना पड़ा। फैसले को पढ़ने के मुझे अपनी समझ पर शक होने लगा था। कुछ समझ नहीं आ रहा है।’

फैसला सरल भाषा में होना चाहिए

वहीं, जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि, ‘फैसला ऐसा लिखा जाना चाहिए, जो आम आदमी को समझ आए। मैंने सुबह 10.10 बजे फैसले को पढ़ना शुरू किया और 10.55 बजे जब खत्म किया तो आप समझ नहीं सकते कि मैंने क्या महसूस किया।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘मैं आश्चर्यचकित हो गया। आप सोच भी नहीं सकते। अंत में मुझे सीजीआईटी (केंद्रीय औद्योगिक विवाद निवारण न्यायाधिकरण) के आदेश काे देखना पड़ा। ओह, माय गॉड! मैं आपको बता रहा हूं, ये अविश्वसनीय है! यह न्याय की अव्यवस्था है। हर मामले में आप इस तरह के ही निर्णय पाते हैं।’

यह है मामला

दरअसल, यह मामला एक सरकारी कर्मचारी से जुड़ा है। केंद्र सरकार औद्योगिक न्यायाधिकरण (सीजीआईटी) ने कर्मचारी को भ्रष्टाचार का दोषी मानते हुए दंडित किया था। इस फैसले को कर्मचारी ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने सीजीआईटी के फैसले को सही ठहराया था। जिसके बाद कर्मचारी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

 

Related posts