अयोध्या मामला : हिंदू-मुस्लिम पक्ष द्वारा आज सुप्रीम कोर्ट में आखिरी दलील, फिर रहेगा फैसले का इंतजार!

ram mandir

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. देश की अदालतों में पिछले करीब 70 साल से चल रहे अयोध्या के रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की आखिरी दलील बुधवार यानी आज सुप्रीम कोर्ट में हिंदू और मुस्लिम पक्षकारों की तरफ से रखी जाएगी। इसके बाद अयोध्या मामले में जल्द ही फैसला आने की उम्मीद बढ़ जाएगी।


हिंदू-मुस्लिम पक्ष आखिरी बार रखेंगे दलील 

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को हिंदू पक्षकार अपनी आखिरी दलील रखेंगे और फिर मुस्लिम पक्ष के वकील को जवाब देने के लिए एक घंटा मिलेगा। वहीं हिंदू पक्ष के वकील सीएस. वैद्यनाथन को बहस करने के लिए 45 मिनट मिलेंगे। साथ ही हिंदू पक्षकारों के अन्य वकीलों को भी इतना ही समय मिलेगा। फिर मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन को जवाब देने के लिए 1 घंटे का समय मिलेगा।

6 अगस्त से जारी है रोजाना सुनवाई

बता दें 6 अगस्त से सुप्रीम कोर्ट में रोजाना इस मामले पर सुनवाई हो रही है। हिंदू और मुस्लिम पक्ष लगातार अपनी दलीले कोर्ट में रख रहे हैं। हिंदू पक्ष द्वारा ASI की रिपोर्ट, पुराण, ग्रंथ और भावनाओं का हवाला दिया गया। जबकि मुस्लिम पक्ष द्वारा भी ASI की रिपोर्ट, मौजूदा स्थिति और इस्लामिक इतिहास का हवाला दिया गया है।

बहस खत्म तो फिर फैसला कब?

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की आखिरी बहस बुधवार को होगी, लेकिन गुरुवार को भी इस मामले पर बहस चलेगी। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को मोल्डिंग ऑफ रिलीफ पर बहस होगी, इसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट आगे की कार्यवाही के बारे में बता सकता है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने कहा था कि वह इस मामले की सुनवाई 18 अक्टूबर से पहले खत्म करना चाहते हैं, क्योंकि बाद में फैसला लिखने के लिए एक महीने तक का वक्त भी चाहिए।

क्या था इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला?

बता दें 30 सितंबर, 2010 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की तीन जजों की बेंच ने 2:1 के बहुमत वाले फैसले में कहा था कि, 2.77 एकड़ जमीन को तीनों पक्षों- सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला में बराबर बांट दिया जाए। हालांकि, कोर्ट के इस फैसले को किसी भी पक्ष ने नहीं माना और फिर सभी ने इस फैसले की सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। जिसके बाद 9 मई 2011 को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले पर रोक लगा दी थी।

Related posts