हिंदू युवती से शादी करने वाले मुस्लिम युवक से सुप्रीम कोर्ट ने कहा- महान प्रेमी बनो और वफादार पति बनो

marriage

चैतन्य भारत न्यूज

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के एक अंतर-धार्मिक विवाह के विवादित मामले की सुनवाई के दौरान हिंदू युवती से शादी करने वाले मुस्लिम युवक को महान प्रेमी और वफादार पति होने की सलाह दी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, वह अंतरजातीय व अंतरधार्मिक विवाह के खिलाफ नहीं है, बल्कि ऐसे रिश्तों से समाजवाद को बढ़ावा मिलता है।



दरअसल छत्तीसगढ़ की एक 23 वर्षीय युवती ने 33 वर्षीय इब्राहिम सिद्दीकी से अपना धर्म बदलकर 25 फरवरी 2018 को आर्य समाज मंदिर में शादी की। इसके बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने युवती को उसके पति के साथ रहने की इजाजत दे दी। इसी फैसले को चुनौती देने के लिए अब युवती के पिता बुधवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। युवती के परिवार वाले उसे स्वीकार लें इसलिए युवक ने पिछले साल हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया। लेकिन युवती के परिवारवालों ने उसके धर्म परिवर्तन को दिखावा और झूठा बताया। बुधवार को जस्टिस अरुण मिश्रा की अगुआई वाली बेंच ने कहा, ‘हम सिर्फ उसके (युवती) भविष्य को लेकर चिंतित हैं। हम अंतर-धार्मिक या अंतर-जातीय विवाह के खिलाफ नहीं हैं।’ कोर्ट ने यह भी कहा कि शख्स को ‘वफादार पति’ और ‘महान प्रेमी’ होना चाहिए।

वहीं युवती के पिता के वकील ने कोर्ट में कहा कि, यह सिर्फ उनकी लड़की को फंसाने का एक गिरोह है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि, युवक ने फिर से इस्लाम धर्म अपना लिया है। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि, वह इस मामले को देखेंगे। साथ ही कोर्ट ने युवक से पूछा कि, ‘क्या उसने आर्य समाज मंदिर में शादी के बाद अपना नाम बदल लिया है और अपने नाम के बदलाव के लिए जरूरी कदम उठाए हैं?’ कोर्ट ने मुस्लिम युवक को हलफनामा दायर करने को कहा है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि, ‘हम सिर्फ यह देखना चाहते हैं कि, युवती के भविष्य की योजना क्या है… अगर उसके पति ने छोड़ दिया तो क्या होगा। इसलिए वे उसके भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास करना चाहते हैं।’ बता दें सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है और लड़की की हस्तक्षेप अर्जी को अनुमति दे दी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।

ये भी पढ़े…

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला- शादी के लिए महिलाओं को वर्जिनिटी जाहिर करने की कोई जरुरत नहीं

शादी में अनिश्चितता के बावजूद शारीरिक संबंध बनाना बलात्कार नहीं : सुप्रीम कोर्ट

महिला बाेली- मायके वालों से एक घंटे बात करने की शर्त हटवा दें, कोर्ट ने कहा- सहमति आपकी ही थी

Related posts