रंजन गोगोई के खिलाफ साजिश के दावे की होगी जांच, कोर्ट ने पूर्व जस्टिस को सौंपी कमान

चैतन्य भारत न्यूज

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई के खिलाफ लगे यौन शोषण के आरोपों के जरिए उन्हें फंसाने के लिए एक बड़ी साजिश रची गई है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इसी दावे की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति गठित की। जानकारी के मुताबिक, अब गोगोई पर लगे आरोपों की जांच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एके पटनायक करेंगे। इसी के साथ कोर्ट ने सीबीआई डायरेक्टर और आईबी चीफ को जस्टिस पटनायक का सहयोग करने के निर्देश भी दिए हैं।

जस्टिस पटनायक को जांच के बाद इस मामले से जुड़ी सभी रिपोर्ट्स एक सीलबंद लिफाफे में बंदकर कोर्ट को सौंपनी होगी। जानकारी के लिए बता दें सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच वकील उत्सव बैंस के दावे की सुनवाई कर रही है। दरअसल, उत्सव बैंस ने कहा था कि, ‘जस्टिस गोगोई के खिलाफ साजिश के तहत ऐसे आरोप लगाए गए हैं। इसमें एक बड़ा कॉरपोरेट हाउस शामिल है।’ सूत्रों के मुताबिक, जस्टिस रोहिंग्टन नरीमन, जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने इसके अलावा आदेश दिया कि वकील उत्सव बैंस एविडेंस एक्ट की धारा 126 के तहत विशेषाधिकार का दावा नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि, बैंस को सभी दस्तावेज सामने पेश करने होंगे। इसके बाद बैंस ने इस मामले से जुड़ी सभी जानकारियां सीलबंद लिफाफे में बेंच के पास जमा कराई हैं।

गौरतलब है कि, इससे पहले सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की थी। कोर्ट ने कहा था कि, ‘अब समय आ गया है कि हम देश के अमीर और ताकतवर लोगों को बता दें कि वे यह कोर्ट नहीं चला सकते।’

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