महिला बाेली- मायके वालों से एक घंटे बात करने की शर्त हटवा दें, कोर्ट ने कहा- सहमति आपकी ही थी

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चैतन्य भारत न्यूज

वैवाहिक विवाद में झारखंड हाईकोर्ट द्वारा तय एक अजीब शर्त हटवाने के लिए एक महिला सुप्रीम कोर्ट पहुंची। दरअसल पति-पत्नी के बीच हाईकोर्ट में तय सहमति पत्र में शर्त है कि महिला रोजाना मायके वालों से एक घंटे ही बात कर पाएगी। इसके लिए पति रोज उसे सिर्फ एक घंटे तक फोन देगा। इसके बाद पत्नी अपने पास कोई मोबाइल नहीं रखेगी।

बता दें सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय किशन कौल और केएम जोसेफ की बेंच ने 13 अगस्त को महिला की याचिका खारिज कर दी। उनका कहना है कि, हाईकोर्ट की शर्त के मुताबिक महिला ने ही इस शर्त के लिए सहमति दी थी। वह चाहे तो अपनी मांग हाईकोर्ट के समक्ष रख सकती है। दरअसल कुछ दिनों पहले झारखंड की महिला ने पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं महिला के पति ने झारखंड हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।

हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए पति-पत्नी दोनों को हाजिर होने के लिए कहा। कोर्ट ने दोनों के बीच वैवाहिक संबंध मजबूत करने के लिए कई शर्तें लगा दीं। इन शर्तों में एक यह भी शर्त थी कि पति अपनी पत्नी को उसके मायके वालों से बात करने के लिए राेज एक घंटे मोबाइल देगा। लेकिन महिला को यह शर्त नागवार गुजरी और उसने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस कौल का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश में लिखी शर्त का इरादा पति और पत्नी के वैवाहिक विवाद में उनके माता-पिता का दखल रोकना है। उन्होंने बताया कि आदेश में शामिल शर्तों पर महिला ने खुद सहमति दी है। वहीं महिला का कहना है कि उसने हाईकोर्ट द्वारा तय की गई इस शर्त के लिए सहमति नहीं दी थी। इसके बाद जस्टिस कौल ने कहा कि आप चाहें तो हाईकोर्ट जा सकती हैं।

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