सूर्यग्रहण पर हजारों साल बाद यह दुर्लभ संयोग, जानें इसका प्रभाव और उपाय

surya grahan 2019,

चैतन्य भारत न्यूज

21 जून यानी रविवार को सूर्य ग्रहण पड़ने वाला है। यह इस साल का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण होगा जो पांच घंटे से भी ज्यादा चलेगा। हजारों साल बाद ऐसा सूर्य ग्रहण आया है जिसमें राहु और केतु एक ही पंक्ति में हैं। इस बार राहु के साथ बुध और सूर्य है और राहु सूर्य को ग्रहण लगा रहा है। पंडितों के मुताबिक, यह महा ग्रहण कालसर्प योग में लग रहा है। रविवार को लगने वाला ये ग्रहण सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर लगेगा और इसका सूतक 15 घंटे पहले 20 जून की रात 9 बजकर 15 मिनट से शुरू हो जाएगा।

सूर्य ग्रहण का प्रभाव

रविवार को यह सूर्य ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र और राहु के आद्रा नक्षत्र में लग रहा है। इस नक्षत्र में ग्रहण लग्न बेहद खतरनाक माना जाता है। इसके कारण देश और दुनिया में कई परिवर्तन आ सकते हैं। इस सूर्य ग्रहण को चूड़ामणि का भी नाम दिया गया है जो एक डायमंड रिंग की तरह दिखाई देगा। इस बार ग्रहण मिथुन राशि में लग रहा है।

क्या सूर्य ग्रहण देखना अशुभ है?

सूर्य ग्रहण को देखना शुभ-अशुभ नहीं होता। इसे सुरक्षा की दृष्टि से देखा जाता है। सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से देखने को मना किया जाता है। इसे सीधे देखने से आंखे खराब हो सकती है। इसलिए सूर्य ग्रहण को हमेशा रंगीन चश्मा लगाकर देखना चाहिए।

इन उपायों से मिलेगा ग्रहण का लाभ

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद आप लाल रंग के वस्त्र धारण करें।
  • ग्रहण के शुरू होने से पहले तांबे के लोटे में थोड़ा दूध, गुड़ और गंगाजल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें और सूर्य मंत्र का जाप करें।
  • तुलसी माता पर जल चढ़ाएं और जल में भी तुलसी के पत्ते डालकर पिएं।
  • ग्रहण खत्म होने के बाद वापस स्नान कर लें।
  • लाल वस्त्र और नारियल का दान करने से सूर्य ग्रहण का बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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