इस्लामिक सहयोग संगठन की बैठक में सुषमा ने उठाया आतंकवाद का मुद्दा

चैतन्य भारत न्यूज।

अबु धाबी. भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में इस्लामिक सहयोग संगठन (ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉन्फ्रेंस-ओआईसी) की बैठक में नाम लिए बगैर पाकिस्तान को दुनिया में अलग-थलग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को पनाह देने वाले देशों को दुनिया के सामने लाना जरूरी है ताकि उस देश में रह रहे आतंकियों को मिल रहे समर्थन, शरण पर रोक लगे। उन्होंने कहा कि आतंकवाद दुनिया के लिए बड़ा खतरा है। आतंकवाद लोगों का जीवन बर्बाद कर रहा है और क्षेत्रों को अस्थिर कर रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 बहुत ही खास है। इस साल भारत महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है। उन्होंने कहा कि मैं करीब सवा अरब भारतीयों का अभिवादन करती हूं, जिसमें 185 करोड़ से अधिक मुस्लिम भाई-बहन शामिल हैं। हमारे मुस्लिम भाई और बहन भारत की विविधता का सूक्ष्म रूप हैं। सुषमा स्वराज ने कहा कि जैसे इस्लाम का मतलब अमन या शांति है और अल्लाह के 99 नामों में से किसी का मतलब हिंसा नहीं है। इसी तरह दुनिया के सभी धर्म शांति, करुणा और भाईचारे का संदेश देते हैं। अल्लाह का मतलब शांति है। इस्लाम अमन सिखाता है।

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी भी धर्म से टकराव नहीं
उन्होंने कहा कि आतंकवाद और कट्टरवाद दोनों एक जैसे ही हैं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी भी धर्म के खिलाफ टकराव नहीं है। यह सभ्यताओं या संस्कृतियों का टकराव नहीं है, बल्कि विचारों और आदर्शों की प्रतियोगिता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई बार कह चुके हैं कि यह मानवतावाद और अमानवीयता की ताकतों के बीच संघर्ष है।

गौरतलब है कि यह पहली बार है जब भारत को सम्मानित अतिथि के रूप में इस बैठक में आमंत्रित किया गया है। इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) 57 इस्लामिक देशों का प्रभावशाली समूह है।

खाड़ी देशों से अच्छे संबंध का हवाला दिया
सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत और खाड़ी देशों में अच्छे संबंध हैं। यहां मौजूद देशों से भारत के मजबूत रिश्ते हैं। इराक, फिलिस्तीन से अच्छे संबंध हैं। हममें से कई ने आजादी और आशा की रोशनी एक ही वक्त में देखी है। हम गरिमा और समानता की अपनी खोज में एकजुटता के साथ खड़े हुए हैं।
इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ओआईसी के विदेश मंत्रियों की 46वीं बैठक के लिए अबु धाबी पहुंच गई हैं। विदेश मंत्री पूर्ण बैठक को संबोधित करेंगी और बैठकें करेंगी।

पाकिस्तान ने किया आईओसी का बहिष्कार
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के भाग लेने पर ओआइसी बैठक का बहिष्कार करने की बात कही है। स्वराज के जाने से पहले अबु धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से बातचीत की और दोनों देशों से तनाव कम करने की अपील की थी।

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