चिन्मयानंद केस : हाईकोर्ट ने कहा- किसने किसका शोषण किया, कहना बहुत मुश्किल है, पीड़िता की चुप्पी पर भी उठे कई सवाल

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चैतन्य भारत न्यूज

प्रयागराज. यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता चिन्मयानंद को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दे दी। सोमवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दोनों लोगों ने अपनी सीमाएं लांघी, ऐसे में यह निर्णय करना मुश्किल है कि किसने किसका इस्तेमाल किया?



अपने फैसले में अदालत ने कहा, ‘यह दिख रहा है कि पीड़ित छात्रा के परिजन आरोपी व्यक्ति के उदार व्यवहार से लाभान्वित हुए। वहीं, यहां कोई भी ऐसी चीज रिकॉर्ड में नहीं है, जिससे यह साबित हो कि छात्रा पर कथित उत्पीड़न की अवधि के दौरान, उसने अपने परिजनों से इसका जिक्र भी किया हो। इसलिए अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि यह मामला पूरी तरह से ‘किसी लाभ के बदले कुछ काम करने’ का है।’ जस्टिस राहुल चतुर्वेदी ने कहा कि, ‘एक लड़की जिसकी वर्जिनिटी दांव पर थी, उसने अपने माता-पिता या कोर्ट के सामने एक शब्द नहीं बोला। ये आश्चर्यजनक है।’

बता दें चिन्मयानंद पर उसी के शाहजहांपुर में स्थित कॉलेज स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली एक छात्रा ने 24 अगस्त को एक वीडियो शेयर कर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) को सौंपी थी। इसके बाद 20 सितंबर को चिन्मयानंद को उनके मुमुक्ष आश्रम से गिरफ्तार किया था।

इस मामले में चिन्मयानंद पर आरोप लगाने वाली पीड़ित छात्रा को भी गिरफ्तार किया गया था। छात्रा पर चिन्मयानंद से 5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप है। छात्रा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी लगाईं थी, जिसके बाद 4 दिसंबर को उसे जमानत मिल गई थी। अब कोर्ट ने लड़की से दुष्कर्म के आरोपी स्वामी चिन्मयानंद को भी जमानत दे दी है और जमानत देते हुए कोर्ट ने लड़की के आचरण और उसकी खामोशी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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