सावन का महीने भगवान शिव को इसलिए है अतिप्रिय

चैतन्य भारत न्यूज सावन का महीना भगवान महादेव को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस महीने में भगवान शिव बहुत जल्द ही प्रसन्न होते हैं। इसी महीने में माता पार्वती ने उन्हें पाने के लिए तपस्या कर उन्हें प्रसन्न किया था और उसके बाद ही उन्होंने माता पार्वती से विवाह किया था। हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ को समर्पित है। ऐसे में सावन के सोमवार का महत्व और बढ़ जाता है। धामिक मान्यता है कि सावन के सोमवार को व्रत रखकर भगवान शिव की उपासना करने…

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सावन 2021: ये हैं देश में अलग-अलग स्थानों पर स्थित भोलेनाथ के 12 ज्योतिर्लिंग

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चैतन्य भारत न्यूज  सावन माह में जो भी भक्त भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों का नाम जपता है उसके सातों जन्म तक के पाप नष्ट हो जाते हैं। भोलेनाथ के सबसे प्रिय माह सावन में चैतन्य भारत न्यूज द्वारा सभी बारह ज्योतिर्लिंगों की विशेषता की खास प्रस्तुति दी जाएगी। क्या है ज्योतिर्लिंग? हिन्दू धर्मग्रंथों में शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों का उल्लेख मिलता है। जहां-जहां ये ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं, वहां भव्य शिव मंदिर बने हुए हैं। शिवपुराण में वर्णित है कि ब्रह्म, माया, जीव, मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार, आकाश, वायु, अग्नि,…

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चारधाम यात्रा 2021ः 17 मई की सुबह खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट, बद्रीनाथ के पट 18 मई को खुलेंगे

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चैतन्य भारत न्यूज उत्तराखंड के चारधामों में से एक और 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ धाम के कपाट सोमवार, 17 मई की सुबह 5 बजे खोले जाएंगे। अगले छह माह तक भक्त केदार बाबा के दर्शन कर सकेंगे। तिथि व समय की घोषणा केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग ने गुरुवार को की। केदारनाथ धाम के कपाट खोलने के लिए 13 मई को भगवान भैरवनाछ की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद 14 मई को बाबा केदार की डोली फाटा में विश्राम करेगी ज‍िसने ऊखीमठ से प्रस्थान क‍िया था। 15 मई…

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शिव-पार्वती के मिलन का पर्व महाशिवरात्रि आज, भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए इस विधि से करें पूजा

चैतन्य भारत न्यूज आज महाशिवरात्रि का पर्व है। भगवान शिव और माता पार्वती की इस दिन विशेष पूजा की जाती है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि को शिवजी के साथ पार्वती की शादी हुई थी। इसी दिन शिवजी ने वैराग्य जीवन छोड़कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया था। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि का महत्व और पूजन विधि। महाशिवरात्रि का महत्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि के नाम से जाना जाता है। इस दिन को शिव भक्त बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं।…

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इस महाशिवरात्रि पर बन रहे हैं दो महान योग, शिव साधना से पूरी होगी समस्त मनोकामनाएं

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चैतन्य भारत न्यूज देवाधिदेव महादेव भगवान आशुतोष को प्रसन्न करने के लिए फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाने की परंपरा हैै। इस साल यह तिथि 11 मार्च गुरूवार को मनाई जाएगी। पौरााणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और पार्वतीजी की पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है और उन्हें भांग, धतूरा, बेल पत्र और बेर चढ़ाए जाते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष महाशिवरात्रि दो महान योगों में मनाई जाएगी। महाशिवरात्रि का महत्व…

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महाशिवरात्रि 2021 : इस बार महाशिवरात्रि पर पंचक, इस दौरान ये कार्य बिलकुल भी ना करें

चैतन्य भारत न्यूज भगवान आशुतोष यानी महादेव को प्रसन्न करने के लिए फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाने की परंपरा हैै। इस साल यह तिथि 11 मार्च गुरूवार को मनाई जाएगी। महत्वपूर्ण बात ये है कि इस बार महाशिवरात्रि के दिन पंचक लग रहे हैं। पंचक में कुछ विशेष बातों का ध्यान रखा जाता है। कब से कब तक लगेगा पंचक? हिन्दू पंचांग के अनुसार, पंचक 11 मार्च को सुबह 9 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर 16 मार्च की सुबह 4 बजकर 44 मिनट तक रहेंगे। पंचक…

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महाशिवरात्रि 2021: भगवान शिव ने माता पार्वती को बताए थे ये 4 रहस्य, खुशहाल जीवन जीने के लिए आप भी जानें

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चैतन्य भारत न्यूज फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि कहा गया है। इस बार यह शिवरात्रि 11 मार्च को है। मान्यता है इस दिन शिव आराधना करने से सालभर की शिव पूजा का फल मिलता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं भगवान शिव के उन रहस्यों के बारे में जो उन्होंने माता पार्वती के साथ साझा थे। भगवान शिव ने पार्वती माता को जो पाठ पढ़ाए, वे मानव जीवन, परिवार, और शादीशुदा जिंदगी के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। सबसे बड़ा गुण और पाप भगवान शिव…

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महाशिवरात्रि 2020: आखिर क्यों महाशिवरात्रि को कहा जाता है ‘सिद्धि रात्रि’? शिव की पूजा से होते हैं दोषमुक्त

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चैतन्य भारत न्यूज भगवान शिव की आराधना का पर्व और शिव-पार्वती के विवाह का उत्सव महाशिवरात्रि इस बार 11 मार्च को है। पौरााणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और पार्वतीजी की पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है और उन्हें भांग, धतूरा, बेल पत्र और बेर चढ़ाए जाते हैं। शिवरात्रि यानी सिद्धि रात्रि धार्मिक ग्रंथों में तीन तरह की विशेष रात्रि बताई गई है। इनमें शरद पूर्णिमा को ‘मोहरात्रि’, दीपावली की ‘कालरात्रि’ और महाशिवरात्रि को ‘सिद्धि रात्रि’ कहा…

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महाशिवरात्रि 2021 : पचमढ़ी में भगवान शिव का अनोखा मंदिर, यहां श्रद्धालु चढ़ाते हैं दो क्विंटल तक के त्रिशूल

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चैतन्य भारत न्यूज 11 मार्च को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस खास अवसर पर हम आपको आज भोलेनाथ के एक ऐसे मंदिर के बारे में बता रहे हैं जहां मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु यहां दो क्विंटल तक वजनी त्रिशूल भेंट करते हैं। आइए जानते हैं महादेव के इस अनोखे मंदिर के बारे में। मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले की पिपरिया तहसील में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थित चौरागढ़ मंदिर है, जिसे नागलोक का मार्ग या नागद्वार के नाम से भी जाना जाता है। खास बात यह है…

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महाशिवरात्रि 2021 : इसलिए भगवान शिव पर चढ़ाए जाते हैं बेल-पत्र, जल्द ही हो जाते हैं प्रसन्न

चैतन्य भारत न्यूज फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि कहा गया है। इस बार यह शिवरात्रि 11 मार्च को है। मान्यता है इस दिन भगवान शिव आराधना करने से सालभर की शिव पूजा का फल मिलता है। इस दिन भगवान शिव को बेल-पत्र चढ़ाने का भी काफी महत्व है। वैसे तो शिवरात्रि हर महीने आती है लेकिन महाशिवरात्रि बड़ा पर्व माना जाता है। आइए जानते हैं भगवान शिव को क्यों चढ़ाए बेल-पत्र। शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का अंतर हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन आने वाली शिवरात्रि को…

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