शिव-पार्वती के मिलन का पर्व महाशिवरात्रि आज, भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए इस विधि से करें पूजा

चैतन्य भारत न्यूज आज महाशिवरात्रि का पर्व है। भगवान शिव और माता पार्वती की इस दिन विशेष पूजा की जाती है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि को शिवजी के साथ पार्वती की शादी हुई थी। इसी दिन शिवजी ने वैराग्य जीवन छोड़कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया था। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि का महत्व और पूजन विधि। महाशिवरात्रि का महत्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि के नाम से जाना जाता है। इस दिन को शिव भक्त बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं।…

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इस महाशिवरात्रि पर बन रहे हैं दो महान योग, शिव साधना से पूरी होगी समस्त मनोकामनाएं

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चैतन्य भारत न्यूज देवाधिदेव महादेव भगवान आशुतोष को प्रसन्न करने के लिए फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाने की परंपरा हैै। इस साल यह तिथि 11 मार्च गुरूवार को मनाई जाएगी। पौरााणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और पार्वतीजी की पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है और उन्हें भांग, धतूरा, बेल पत्र और बेर चढ़ाए जाते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष महाशिवरात्रि दो महान योगों में मनाई जाएगी। महाशिवरात्रि का महत्व…

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महाशिवरात्रि 2021 : इस बार महाशिवरात्रि पर पंचक, इस दौरान ये कार्य बिलकुल भी ना करें

चैतन्य भारत न्यूज भगवान आशुतोष यानी महादेव को प्रसन्न करने के लिए फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाने की परंपरा हैै। इस साल यह तिथि 11 मार्च गुरूवार को मनाई जाएगी। महत्वपूर्ण बात ये है कि इस बार महाशिवरात्रि के दिन पंचक लग रहे हैं। पंचक में कुछ विशेष बातों का ध्यान रखा जाता है। कब से कब तक लगेगा पंचक? हिन्दू पंचांग के अनुसार, पंचक 11 मार्च को सुबह 9 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर 16 मार्च की सुबह 4 बजकर 44 मिनट तक रहेंगे। पंचक…

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महाशिवरात्रि 2021: भगवान शिव ने माता पार्वती को बताए थे ये 4 रहस्य, खुशहाल जीवन जीने के लिए आप भी जानें

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चैतन्य भारत न्यूज फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि कहा गया है। इस बार यह शिवरात्रि 11 मार्च को है। मान्यता है इस दिन शिव आराधना करने से सालभर की शिव पूजा का फल मिलता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं भगवान शिव के उन रहस्यों के बारे में जो उन्होंने माता पार्वती के साथ साझा थे। भगवान शिव ने पार्वती माता को जो पाठ पढ़ाए, वे मानव जीवन, परिवार, और शादीशुदा जिंदगी के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। सबसे बड़ा गुण और पाप भगवान शिव…

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महाशिवरात्रि 2020: आखिर क्यों महाशिवरात्रि को कहा जाता है ‘सिद्धि रात्रि’? शिव की पूजा से होते हैं दोषमुक्त

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चैतन्य भारत न्यूज भगवान शिव की आराधना का पर्व और शिव-पार्वती के विवाह का उत्सव महाशिवरात्रि इस बार 11 मार्च को है। पौरााणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और पार्वतीजी की पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है और उन्हें भांग, धतूरा, बेल पत्र और बेर चढ़ाए जाते हैं। शिवरात्रि यानी सिद्धि रात्रि धार्मिक ग्रंथों में तीन तरह की विशेष रात्रि बताई गई है। इनमें शरद पूर्णिमा को ‘मोहरात्रि’, दीपावली की ‘कालरात्रि’ और महाशिवरात्रि को ‘सिद्धि रात्रि’ कहा…

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महाशिवरात्रि 2021 : इसलिए भगवान शिव पर चढ़ाए जाते हैं बेल-पत्र, जल्द ही हो जाते हैं प्रसन्न

चैतन्य भारत न्यूज फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि कहा गया है। इस बार यह शिवरात्रि 11 मार्च को है। मान्यता है इस दिन भगवान शिव आराधना करने से सालभर की शिव पूजा का फल मिलता है। इस दिन भगवान शिव को बेल-पत्र चढ़ाने का भी काफी महत्व है। वैसे तो शिवरात्रि हर महीने आती है लेकिन महाशिवरात्रि बड़ा पर्व माना जाता है। आइए जानते हैं भगवान शिव को क्यों चढ़ाए बेल-पत्र। शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का अंतर हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन आने वाली शिवरात्रि को…

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महाशिवरात्रि पर राशिनुसार करें भोलेनाथ की पूजा-अर्चना, मिलेगा मनचाहा फल

चैतन्य भारत न्यूज देवाधिदेव महादेव भगवान आशुतोष को प्रसन्न करने के लिए फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाने की परंपरा हैै। इस साल यह तिथि 11 मार्च गुरूवार को मनाई जाएगी। पौरााणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और पार्वतीजी की पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है और उन्हें भांग, धतूरा, बेल पत्र और बेर चढ़ाए जाते हैं। इसी दिन महान शिव और सिद्ध योग भी है। जन्मकुंडली में मंगल और राहू के दोषों…

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महाशिवरात्रि 2021: भगवान शिव के इस रहस्यमयी मंदिर में चढ़ाने के बाद दूध सफेद से हो जाता है नीला

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चैतन्य भारत न्यूज फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि कहा गया है। इस बार यह शिवरात्रि 11 मार्च को है। मान्यता है इस दिन शिव आराधना करने से सालभर की शिव पूजा का फल मिलता है। आज हम आपको भगवान शिव के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां भगवान पर दूध चढ़ाने के बाद दूध का रंग नीला हो जाता है। आइए जानते हैं इस रहस्यमयी मंदिर की दिलचस्प कहानी। कहां स्थित है ये मंदिर यह रहस्यमयी मंदिर केरल के कीजापेरुमपल्लम गांव…

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महाशिवरात्रि 2021: हजारों साल पुराने इस मंदिर में साल में एक बार पाषाण शिवलिंग के होते है दर्शन

चैतन्य भारत न्यूज विदिशा. महाशिवरात्रि के खास अवसर पर चैतन्य भारत न्यूज आपको भगवान शिव के अनोखे मंदिरों के बारे में बता रहा है। इन्हीं में से एक मंदिर है नीलकंठेश्वर महादेव का, जो मध्यप्रदेश के विदिशा जिले की गंजबासौदा तहसील के ग्राम उदयपुर में स्थित है। हजारों साल पुराने इस मंदिर में पांच फीट ऊंचे चबूतरे पर करीब तीन फीट ऊंचा शिवलिंग है। मंदिर की खास बात यह है कि यहां स्थित शिवलिंग पर ढाई सौ साल पहले पीतल का आवरण चढ़ाया गया था। इस आवरण को साल में…

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बाबा महाकाल जल्द बनेंगे दूल्हा, हल्दी की रस्म हुई पूरी, नौ दिन नौ रुपों में होगा अनोखा श्रृंगार

चैतन्य भारत न्यूज उज्जैन. बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में महाशिवरात्रि की तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही है। बाबा महाकाल को दूल्हे के रूप में दर्शन करने देशभर से भक्त आते हैं। 3 मार्च से महाशिवरात्रि का उत्सव शुरू हो चुका है। बाबा महाकाल दूल्हा बनेंगे और महाशिवरात्रि तक बाबा के नौ दिन तक नौ रूपों में श्रृंगार किया जाएगा। हल्दी चढ़ाने के साथ उत्सव शुरु मंदिर में शिवरात्रि उत्सव की शुरुआत शिवपंचमी के पूजन के साथ होती है। यह पूजन कोटितीर्ध कुंड के समीप श्रीकोटेश्वर महादेव मंदिर में होता…

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