मिल गया गंजेपन का इलाज! वैज्ञानिकों का दावा- इस दवा से फिर से उग आएंगे सिर पर बाल

चैतन्य भारत न्यूज

आज के समय में बिजी लाइफस्टाइल के कारण खान पान में कमी, और स्ट्रेस के चलते लोगों जल्दी बाल सफेद होने और गंजेपन की समस्या से जूझना पड़ता है।  गंजेपन की समस्या ग्लोबल स्तर पर लोगों को प्रभावित करती आई है। हाल ही में थाइलैंड के रिसर्चर्स का दावा है कि गंजेपन का एक प्रभावी इलाज अब मौजूद है।

एविसेक्विनन-सी से रुकता है बालों का झड़ना

वैज्ञानिकों ने कहा है कि मैंग्रोव पेड़ों से एक अर्क पाया गया है जो गंजापन को ठीक कर सकता है। वैज्ञानिकों ने 50 लोगों पर किए गए क्लिनिकल ट्रायल में भी सफलता मिलने का दावा किया है। मैंग्रोव के ये पौधे समुद्र तटों पर उगते हैं। गंजेपन को ठीक करने वाले मैंग्रोव के अर्क को एविसेनिया मारिन के नाम से जाना जाता है। इसमें एविसेक्विनन-सी पाया जाता है, जो एक्टिव कंपाउंट एंजाइमों के साथ क्रिया करता है जिससे बालों का झड़ना रुक जाता है। गंजेपन के लिए जिम्मेदार हार्मोन को भी ये कम करने में मदद करता है। वैज्ञानिकों का दावा गंजेपन का शिकार लोगों के लिए राहत की खबर साबित हो सकता है।

Chulalongkorn यूनिवर्सिटी के कुछ रिसर्चर्स ने ये टेस्ट 50 पुरुषों और महिलाओं पर किए हैं। ये सभी लोग एंड्रोजेनिक एलोपिसीया से ग्रस्त थे जो बालों के झड़ने की सबसे आम समस्या है। इस ट्रीटमेंट के बाद ना केवल इन लोगों के बालों के झड़ने में कमी देखने को मिली बल्कि इन लोगों के बाल काफी मजबूत भी हुए। रिसर्च के अनुसार, ये उन लोगों के लिए भी कारगर है जो अपने बाल गंवा चुके हैं।

इस रिसर्च का अगला कदम ज्यादा से ज्यादा लोगों पर ये टेस्ट करना होगा ताकि थाइलैंड का फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन इसे अप्रूव कर सके। एक प्राइवेट कंपनी ने पहले ही इस रिसर्च के पेटेंट को खरीद लिया है और ये कंपनी इसके सहारे एक हेयर लॉस प्रॉडक्ट का निर्माण कर सकती है। माना जा रहा है कि अगले 6 महीनों में ये प्रॉडक्ट मार्केट में आ सकता है।

 

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