थप्पड़ रिव्यू: पुरुषों को अपनी गलतियों का अहसास कराएगी थप्पड़, घरेलू हिंसा पर आधारित फिल्म एक बार जरूर देखें

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चैतन्य भारत न्यूज

फिल्म : थप्पड़
कलाकार : तापसी पन्नू, पवेल गुलाटी, दिया मिर्जा, कुमुद मिश्रा, राम कपूर, रत्ना पाठक शाह, तनवी आजमी
निर्देशक : अनुभव सिन्हा
मूवी टाइप : ड्रामा
अवधि : 2 घंटा 6 मिनट
सर्टिफिकेट : U


कहानी

फिल्म की कहानी अमृता (तापसी पन्नू) और उसके पति विक्रम (पवेल गुलाटी) की है। अमृता एक खुशमिजाज अपनी पसंद से हाउस वाइफ बनना स्वीकार करने वाली महिला है। वह अपनी सास (तन्वी आजमी) का बहुत ध्यान रखती है। वह अपने पति से बेहद प्यार करती है और उसे पति की प्रोफेशनल तरक्की से खुशी मिलती है। पति के प्रमोशन के बाद अमृता लंदन जाने के लिए बेहद उत्साहित रहती है। पति के प्रमोशन के बाद घर में एक पार्टी होती है। तभी विक्रम के पास एक फोन आता है जिसमें बताया जाता है कि उसे लंदन में पहली की बजाए दूसरी पोजिशन में कार्य करना होगा। इस बात को सुनकर विक्रम को गुस्सा आ जाता है और फिर वो पार्टी में मौजूद अपने बॉस से झगड़ने लगता है। जब अमृता पति को वहां से हटने को कहती है तो विक्रम उसे सबके सामने थप्पड़ मार देता है। अमृता का सम्मान टूटता है। फिर अमृता और विक्रम की लड़ाई होना शुरू हो जाती है। अमृता का कहना है जब प्यार ही नहीं बचा तो साथ क्यों रहना।

अमृता की कहानी के साथ ही उसकी मां (रत्ना पाठक), उसकी वकील (माया सराओ), उसकी सास (तन्वी आजमी), उसके पड़ोसी (दिया मिर्जा) उसके भाई की प्रेमिका और उसकी नौकरानी की कहानी चलती है। ये सभी महिलाएं स्त्री होने के नाते किसी न किसी परेशानी का सामना कर रही होती हैं। अमृता अपने सम्मान को वापस पाने के लिए क्या-क्या करती है? यह जानने के लिए आपको फिल्म देखना होगी।

कैसी है फिल्म

फिल्म पुरुष और महिला के रिश्ते को दर्शाती है, जिसे डायरेक्टर अनुभव ने एक थप्पड़ के माध्यम से दिखाने की बेहतरीन कोशिश की है। फिल्म में यह दिखाने की कोशिश की गई है और यह सोचने के लिए मजबूर किया गया है कि रिश्ते में आप जिन छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते है, क्या उन्हें वाकई नजरअंदाज किया जाना चाहिए? निर्देशक ने फिल्म की कहानी और इसके डायलॉग के जरिए दर्शकों को यह समझाने की है कि आखिर औरत पर इतना अत्याचार क्यों? फिल्म की कहानी काबिल-ए-तारीफ है। फिल्म के डायलॉग, ठोस स्क्रिप्ट, उसका सादगीपन, एकदम मुद्दे की बात, कोई अलग से ड्रामा नहीं यह सब इस फिल्म की खासियत है।

कलाकारों की परफॉरमेंस

फिल्म के सभी किरदारों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस किरदार को निभाकर तापसी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि किरदार चाहे जो भी हो वह सभी में फिट बैठती हैं। तापसी के पति का किरदार निभा रहे पावेल ने अपनी पहली ही फिल्म से साबित कर दिया वह एक समर्थ कलाकार हैं। वकील की भूमिका में माया ने शानदार साथ दिया है। गीतिका ने भी एक नौकरानी की भूमिका में भी जान डाल दी है। फिल्म के अन्य सभी कलाकारों ने भी अपने किरदार को बखूबी निभाया है। कुल मिलाकर ‘थप्पड़’ आज के दौर की एक महत्वपूर्ण फ़िल्म है जिसे देखना वाकई आपको एक अलग अनुभव देगा।

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