पुलवामा हमले में शहीद जवानों को न देश कभी भूला है और न कभी भूलेगाः अजित डोवाल

चैतन्य भारत न्यूज।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल ने मंगलवार को सीआरपीएफ की 80 वीं परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी और 40 जवानों की शहादत को नमन किया।

उन्होंने कहा कि देश इन जवानों और इनके परिवारों का हमेशा ही ऋणी रहेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश के लिए पुलवामा हमले में शहीद होने वाले जवानों को न देश कभी भूला है और कभी भूलेगा भी नहीं।

सीआरपीएफ एक विश्वसनीय बल

उन्होंने सीआरपीएफ के जवानों को संबोधित करते हुए कहा जब भी हमारी बैठकें होती हैं और चर्चा होती है कि किस बल को भेजना है? कितनी बटालियनें भेजी जानी चाहिए? हम कहते हैं, सीआरपीएफ भेजें, यह एक विश्वसनीय बल है। हम पूरी तरह से सीआरपीएफ जवानों पर भरोसा कर सकते हैं। इस तरह की विश्वसनीयता हासिल करने में सालों लग जाते हैं।

महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है सीआरपीएफ की

डोवाल ने कहा, ‘आंतरिक सुरक्षा का बहुत महत्व है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 37 देश ऐसे थे, जो टूट गए या फिर अपनी संप्रभुता खो बैठे। इनमें से 28 का कारण आंतरिक संघर्ष था। देश अगर कमजोर होते हैं तो उसका कारण कहीं न कहीं आंतरिक सुरक्षा की कमी होती है। इसका दायित्व सीआरपीएफ पर है तो आप समझ सकते हैं कि कितनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आपको मिली है।’

बता दें कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार गुरुग्राम के कादरपुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के अधिकारियों की प्रशिक्षण अकादमी तथा ग्रुप सेंटर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल थे। सीआरपीएफ का गठन ब्रिटिश शासनकाल में 1939 में हुआ था।

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