मृत व्यक्ति के भी होते हैं अधिकार, शव रख कर मांगे मनवाना बने ‘दंडनीय अपराध’ : मानवाधिकार आयोग

rajsthan,jaipur, rights of dead bodies, dead bodies

चैतन्य भारत न्यूज

जयपुर. जिंदा आदमी के कई सारे अधिकार होते हैं, ये तो सभी जानते हैं। लेकिन अब शव के अधिकार की भी बात हो रही है। जी हां…  मरने के बाद इंसान के शव के भी अधिकार हो सकते हैं। राजस्थान के मानवाधिकार आयोग ने इस बात को उठाया है। आयोग ने सरकार से सिफारिश की है कि, शव रखकर अपनी मांगे मनवाने की घटनाओं को दण्डनीय अपराध घोषित किया जाए।



दरअसल, राजस्थान में लंबे समय से शव रखकर मुआवजा, सरकारी नौकरी और अन्य तरह की मांगे मनवाए जाने की प्रवृत्ति देखने में आ रही है। राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश टाटिया ने शुक्रवार को अपने एक अहम आदेश में कहा है कि, ‘शव का दुरुपयोग किए जाने, इसकी आड़ में आंदोलन कर अवैध रूप से सरकार, प्रशासन, पुलिस, अस्पताल और डाॅक्टरों पर दबाव डालकर राशि या अन्य कोई लाभ प्राप्त करने को मानवाधिकार आयोग शव का अपमान और उसके मानवाधिकारों का हनन मानता है।’

ये सिफारिश की

  • दाह संस्कार में लगने वाले समय से अधिक तक शव को नहीं रखा जाए।
  • यदि परिजन अंतिम संस्कार नहीं कर रहे हैं तो राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह शव का अंतिम संस्कार कराए।
  • इसके अलावा यदि किसी अपराध की जांच के लिए शव की जरूरत नहीं है तो ऐसी स्थितियों में पुलिस को अंतिम संस्कार का अधिकार दिया जाए।
  • शव को अनावश्यक रूप से घर या किसी सार्वजनिक स्थान पर रखना दंडनीय अपराध घोषित हो।
  • शव का किसी आंदोलन में उपयोग दंडनीय अपराध माना जाए।
  • नियत स्थान के अलावा किसी अन्य स्थान पर शव के अंतिम संस्कार पर रोक लगाई जाए।

ये भी पढ़े…

अस्पताल में 5 घंटे पड़ा रहा शव, आंखों को खाती रहीं चींट‍ियां, पति की दुर्दशा देख बेहाल हुई पत्नी

अंधविश्वास के चलते रातभर नमक में दबाकर रखे दो भाइयों के शव, उम्मीद थी जिंदा हो जाएंगे

Related posts