‘द ताशकंद फाइल्स’ रिव्यू : लाल बहादुर शास्त्री की मौत की गुत्थी सुलझाते एक पत्रकार की कहानी

टीम चैतन्य भारत 

फिल्म : द ताशकंद फाइल्स मूवी रिव्यू
कलाकार : नसीरुद्दीन शाह,मिथुन चक्रवर्ती,पंकज त्रिपाठी,श्वेता बासु प्रसाद,पल्लवी जोशी,मंदिरा बेदी निर्देशक विवेक अग्निहोत्री
निर्माता/निर्देशक : विवेक अग्निहोत्री
मूवी टाइप : ड्रामा,थ्रिलर,मिस्ट्री
अवधि : 2 घंटा 24 मिनट

कहानी : राजनीतिक पत्रकार रागिनी (श्वेता बासु प्रसाद) को बॉस द्वारा अल्टीमेटम मिलता है कि उसे 15 दिनों के अंदर उसे कोई सनसनीखेज रिपोर्ट देनी है वरना उसे नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। इसके बाद रागिनी को एक कॉल आता है जिसमें सामने वाला व्यक्ति एक हिंट देता है जो भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की रहस्यमई मौत से जुड़ा है। रागिनी को इस विवादास्पद मामले पर रिपोर्ट बनाने के लिए उकसाया जाता है। इसके बाद रागिनी इन्वेस्टिगेट करने में जुट जाती हैं और अपने सवालों से तहलका मचा देती है कि पूर्व पीएम की मौत स्वाभाविक थी या नहीं? रागिनी द्वारा उठाए गए सवालों के बाद श्याम सुंदर त्रिपाठी (मिथुन चक्रवर्ती) और पीकेएआर नटराजन (नसीरुद्दीन शाह) जैसे नेता एक-दूसरे के विरोधी होने के बाद भी इन सवालों की सत्यता जानने के लिए एक कमेटी का गठन करते हैं। इस कमेटी में वे रागिनी और श्याम सुंदर त्रिपाठी सहित ऐक्टिविस्ट (इंदिरा जोसफ रॉय), इतिहासकार आयशा अली शाह ( पल्लवी जोशी), ओमकार कश्यप (राजेश शर्मा), गंगाराम झा (पंकज त्रिपाठी), जस्टिन कुरियन अब्राहम (विश्व मोहन बडोला) जैसे लोगों को जोड़ लेते हैं। कमेटी का गठन होने के बाद इस मुद्दे के पक्ष और विपक्ष में कई सारे सवाल उठाए जाते हैं। इन सवालों के जरिए ही धीरे-धीरे फिल्म की कहानी में कई सनसनीखेज खुलासे होते हैं। शास्त्री की मौत की गुत्थी सुलझाने में रागिनी की मदद करता है पूर्व जासूस मुख्तार (विनय पाठक)। रागिनी इस गुत्थी को कैसे सुलझाएगी यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

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कलाकारों की एक्टिंग : रागिनी के किरदार में श्वेता प्रसाद की बेहतरीन परफॉर्मेंस नजर आई। श्वेता ने इतनी कठिन भूमिका को भी बड़ी ही सरलता और आसानी से निभाया है। कॉम्लिकेटेड भूमिका को बखूबी अदा किया है। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह का किरदार बहुत छोटा है लेकिन उनकी एक्टिंग शानदार है। मिथुन चक्रवर्ती ने भी श्याम सुंदर त्रिपाठी की भूमिका को बखूबी निभाया है। अरसो बाद पल्लवी जोशी पर्दे पर नजर आई हैं लेकिन उनकी एक्टिंग में अब भी दम हैं। पंकज त्रिपाठी, मंदिरा बेदी और राजेश शर्मा ने अपनी भूमिकाओं को अपनी समर्थ अदाकारी के जरिए निभाया है।

क्यों देखे फिल्म : अगर आपको राजनीति, सामाजिक और सीरियस मुद्दों पर आधारित फिल्में देखने का शौक है तो आप इस फिल्म को जरूर देखे। फर्स्ट हाफ में फिल्म की कहानी थोड़ी खिंची हुई और बोझिल लगेगी लेकिन सेकंड हाफ में आप फिल्म से पूरी तरह से बंध जाएंगे।

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