सिंधिया के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘जय विलास पैलेस’ में चोरों की सेंधमारी, रानीमहल से अंदर घुसे, महल में हैं 400 कमरे

चैतन्य भारत न्यूज

ग्वालियर. मध्यप्रदेश से भाजपा के राज्यसभा सांसद और ग्वालियर के शाही परिवार के ताल्लुक रखने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल जय विलास पैलेस में चोरों द्वारा सेंधमारी की गई है। हालांकि महल से क्या सामान चोरी हुआ है तथा कितने चोर महल में घुसे थे। इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। ग्वालियर पुलिस द्वारा इस मामले की पुष्टि की गई है। सबसे सुरक्षित माने जाने वाले जय विलास पैलेस में हुई इस घटना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। वहीं, सेंधमारी के बाद पुलिस स्निफर डॉग के जरिए चोरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जयविलास पैलेस के उस हिस्से से फिंगरप्रिंट और जरूरी साक्ष्य जब्त कर लिए हैं जहां सेंधमारी होना बताया गया है। जानकारी के मुताबिक, रानीमहल में रात के समय चोर छत से होते हुए रोशनदान के रास्ते से कमरे में घुसा है। यह सूचना पाते ही फौरन पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और फॉरेंसिक टीम को भी वहां ले जाया गया। माना जा रहा है कि यह घटना सोमवार या मंगलवार रात को घटी है। जिस कमरे में चोर घुसा है, वहां पर पहले बैंक हुआ करता था। इस कमरे में कुछ सामान रखा हुआ है।

जय विलास पैलेस की खासियत

बता दें कि जय विलास पैलेस न सिर्फ देश बल्कि विदेश में भी काफी चर्चित है। इसका दीदार करने लोग देश-विदेश से आते हैं। इस पैलेस को श्रीमंत जयाजी राव सिंधिया ने साल 1874 में बनवाया था और यह करीब 40 एकड़ में फैला हुआ है। इस महल की कीमत करीब 4 हजार करोड़ रुपए है। इस महल के म्यूजियम वाले हिस्से को 1964 में लोगों के लिए खोल दिया गया था।

महल में हैं 400 कमरे

इस राज महल को सैकड़ों की संख्या में विदेशी कारीगरों ने बनाया था। इस पूरे महल में 400 कमरे हैं। इन कमरों में खास बात ये है कि इनकी दीवारों में सोने और चांदी से कारीगरी की गई है। राज घराने में 3500 किलो के दो झूमर लगे हैं ऐसा बताया जाता है कि जब यह झूमर लगाए गए थे। तब छत पर 10 हाथियों को 7 दिनों तक चढ़ाए रखा था। जिससे महल की छत कितनी मजबूत है इसका अंदाजा लग सके।

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