01 अप्रैल से पहले इन चीजों पर करें गौर, नहीं तो हो सकता है नुकसान

Things To do Before 1 Apri

टीम चैतन्य भारत 

एक अप्रैल से नया वित्त वर्ष 2019-20 शुरू हो रहा है। इसके साथ ही सरकार की तरफ से किए गए कुछ नए संशोधन और बदलाव लागू हो जाएंगे। जाहिर है, लोगों को इसकी तैयारी करनी होगी। ऐसा न करने की स्थिति में नुकसान उठाना पड़ सकता है।

डीमैट अकाउंट खुलवाएं

डीमैट अकाउंट या डीमटेरियलाइज्ड अकाउंट ऐसे खाते होते हैं, जिनमें शेयर इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में रखे जाते हैं। अप्रैल की पहली तारीख से केवल वही शेयर वैध रह जाएंगे, जो डीमैट अकाउंट में होंगे। इसका मतलब है कि अन्य तरीके से रखे गए सभी शेयरों की खरीद-फरोख्त नहीं हो पाएगी। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के मुताबिक शेयरों की खरीद या बिक्री केवल इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में हो सकेगी। इसलिए यदि आप किसी स्टॉक एक्सचेंज (जैसे बीएसई और एनएसई) के जरिए शेयर खरीदना और बेचना चाहते हैं तो जरूरी है कि आपके पास डीमैट अकाउंट हो। दिसंबर, 2018 में सेबी ने लिस्टेड कंपनियों के शेयर केवल डीमैट फॉर्म में रखने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 1 अप्रैल कर दी थी।

पैन कार्ड बनवाएं

आधार और पैन कार्ड को आपस में लिंक करने की आखिरी तारीख 31 मार्च है। इसके बाद यानी 1 अप्रैल से ऐसे लोगों के पैन कार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे, जिन्होंने इसे आधार के साथ लिंक नहीं करवाया होगा। इस लिहाज से जरूरी है कि 31 मार्च तक पैन और आधार को आपस में लिंक करा लें। इसके बगैर करदाता इनकम टैक्र रिटर्न भी फाइल नहीं कर पाएंगे।

बैंकिंग सेक्टर में बदलाव

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कमर्शियल बैंकों के उन तौर-तरीकों में बड़ा सुधार किया है, जिनके जरिए वे अपने-अपने लोन की कीमतें यानी ब्याज दर तय करते हैं। बीते साल 5 दिसंबर को आरबीआई ने कहा था कि बैंकों को लोन की विभिन्न् श्रेणियों पर इस्तेमाल की गई आंतरिक बेंचमार्क मानदंडों के बजाय लोन की विभिन्न् श्रेणियों पर बाहरी ब्याज दरों से जोड़ना होगा। इस हिसाब से 1 अप्रैल, 2016 से दिए गए कार लोन और होम लोन समेत सभी तरह के बैंक लोन मार्जिनल कोस्ट ऑफ फंड से लिंक हो जाएंगे।

मकान लेने में सहूलियत

हाउसिंग सेक्टर को सरकार ने बड़ी राहत दी है। इसके लिए जीएसटी की दरों में बदलाव किया गया है। अब रिहायशी प्रॉपर्टी पर टैक्स की दर 12 प्रतिशत की जगह 5 प्रतिशत कर दी गई है, लेकिन बिल्डरों को इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलेगा। जीएसटी काउंसिल ने किफायती मकानों के मामले में भी टैक्स की दर 8 प्रतिशत से घटाकर महज 1 प्रतिशत कर दी है। जीएसटी की ये नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी।

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