आज है तिल द्वादशी, इन चीजों का दान करने से बढ़ता है धन और मान-सम्मान

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चैतन्य भारत न्यूज

हिंदू धर्म में तिल द्वादशी का काफी महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। मान्यता है कि तिल द्वादशी के दिन तिल, कंबल, घी, मिष्ठान आदि का दान करने से धन, संपत्ति और मान सम्मान बढ़ता है। इस बार तिल द्वादशी 21 जनवरी को पड़ रही है। आइए जानते हैं तिल द्वादशी का महत्व और पूजा-विधि।



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तिल द्वादशी का महत्व

तिल द्वादशी माघ मास के कृष्ण पक्ष की बारहवीं तिथि को मनाई जाती है। इस दिन खास तौर पर भगवान विष्णु का विशेष पूजन तिलों से किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के मुताबिक, इस व्रत को भगवान विष्णु ने स्वयं का स्वरूप कहा है। माना जाता है कि जो भी व्यक्ति यह व्रत करता है, उसे जन्म मृत्यु के बंधन से मुक्ति मिल जाती है और बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। द्वादशी का व्रत एकादशी की तरह ही पवित्र माना जाता है।

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तिल द्वादशी पूजन-विधि

  • तिल द्वादशी के दिन प्रात: काल स्नान आदि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लेना चाहिए।
  • उसके बाद सूर्य देव का नमस्कार करें और सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए अर्घ्य दें।
  • उत्तर दिशा की ओर अभिमुख होकर भगवान विष्णु की मूर्ति रखकर उनकी पूजा करनी चाहिए।
  • पूजा के दौरान भगवान विष्णु को तिल से बने लड्डुओं का भोग लगाना चाहिए।
  • इस दिन ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करते रहना चाहिए।
  • द्वादशी के दिन तिलों का दान भी अवश्य करना चाहिए।

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