कुंभ से मरकज की तुलना पर बोले सीएम रावत- मां गंगा की कृपा से नहीं फैलेगा कोरोना, दोनों की तुलना कैसे हो सकती है

चैतन्य भारत न्यूज

हरिद्वार. हरिद्वार में इस समय महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। सोमवती अमावस्या पर बड़ी संख्या में शाही स्नान किया। शाही स्नान के दौरान घाटों पर उमड़ी भीड़ के फोटो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल भी हुए। कल शाम तक तकरीबन 35 लाख श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। लोगों ने हरिद्वार महाकुंभ की तुलना 2020 में दिल्ली स्थित निजामुद्दीन दरगाह में हुए मरकज से करते हुए आलोचनाएं भी की।

राज्य के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का इस बारे में कहना है कि, ‘मां गंगा की अविरल धारा है। मां गंगा के आशीर्वाद से यहां कोरोना नहीं फैलेगा। ‘ सीएम रावत ने यह भी कहा कि, ‘कुंभ की तुलना मरकज ने नहीं की जा सकती। मरकज से जो कोरोना फैला वो इसलिए कि वो बंद कमरे में थे। कुंभ खुले में है इसलिये कोरोना नहीं फैलेगा। ‘

सीएम ने आगे कहा कि, ‘कुंभ में 16 घाट हैं। केवल हरिद्वार ही नहीं कुंभ ऋषिकेश से लेकर नीलकंठ तक फैला है। लोग एक सही जगह पर स्नान कर रहे हैं और इसके लिए भी समय सीमा है। इसकी तुलना मरकज से कैसे की जा सकती है। ‘ मुख्यमंत्री ने साथ ही कहा कि उनकी सभी से यह अपील है कि जो भी लोग कुम्भ में स्नान करें, वह सभी लोग कोविड की गाइड लाइन का पालन जरूर करें।

शाही स्नान के दौरान कोरोना नियमों की उड़ी धज्जियां

बता दें कि शाही स्नान के दौरान कई घाटों पर कोविड-19 के नियमों का पालन होता नजर नहीं आया। पुलिस साधु संतों की व्यवस्था में जुटी रही और तमाम श्रद्धालु बेरोकटोक घाटों पर स्नान करते रहे। 12 अप्रैल को हरिद्वार में कोरोना के 400 से ज्यादा मामले आये जिसमें कुंभ क्षेत्र में तकरीबन 100 से ऊपर मामले थे। वहीं अखाड़ा की पेशवाई में तो कोविड-19 के नियमों की धज्जियां उड़ाई गई।

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