मप्र: करोड़पति बनने के लिए बाघ के नाखून, दांत की पूजा करवा रहा था वनरक्षक, 4 लोग गिरफ्तार

चैतन्य भारत न्यूज

सिवनी. आदिवासियों में प्रचलित झड़ती (धनवर्षा) की पूजा करोड़पति बनने की चाह में वनरक्षक समेत अन्य तीन लोग जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। मंदिर में नीबू, हल्दी, सुपारी, लाल धागे व अन्य सामग्री के साथ बाघ के दांत, नाखून व मूंछ के बालों की पूजा करते गिरफ्तार किए गए वनरक्षक सुनील मर्सकोले को गिरफ्तारी के बाद निलंबित भी कर दिया गया है। वे लोग घने जंगल के मंदिर में पूजा करते हुए पकड़े गए थे।

सुनील कंटगी (बालाघाट) से एक पंडा बुलाकर तीन अन्य ग्रामीणों के साथ करोड़पति बनने के लिए झड़ती (धनवर्षा) पूजा करवा रहा था। इसकी खबर मिलते ही एसडीओ समेत खलासा परिक्षेत्र के अमले ने रिड्डी टेक मार्ग में नदी से करीब दो किमी अंदर घने जंगल में स्थित मंदिर में दबिश देकर चारों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस दौरान पंडा भागने में कामयाब हुआ। सिवनी वनक्षेत्र के मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) आरएस कोरी ने बताया कि वन विभाग ने बाघ का एक दांत, दो नाखून व आठ नग मूंछ के बाल मौके से जब्त किए हैं।

पूछताछ के दौरान सुनील मर्सकोले ने बाघ के अवशेष जंगल में गश्ती के दौरान एक कपड़े में बंधे मिलने की बात कही है। फिर उसने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारीयों को देने के बजाय अवशेष को अपने पास ही रख लिया ताकि वो इससे पूजा करवा सके। गिरफ्तार आरोपियों में सिल्लारी गांव के खेमराज सलामे व रामकिशोर सलामे (दोनों चाचा-भतीजा हैं रिश्ते में) और पिंडरई गांव निवासी राजू बरकड़े शामिल है। तीनों आपस में रिश्तेदार हैं। झड़ती पूजा कराने आरोपियों ने बालाघाट कटंगी से पंडा बुलाया था। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

वनक्षेत्र के मुख्य वन संरक्षक कोरी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में सिल्लारी गांव के खेमराज सलामे व रामकिशोर सलामे (दोनों चाचा-भतीजा हैं रिश्ते में) और पिंडरई गांव निवासी राजू बरकड़े शामिल है। तीनों आपस में रिश्तेदार हैं। झड़ती पूजा कराने आरोपियों ने बालाघाट कटंगी से पंडा बुलाया था। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

Related posts