Tokyo Paralympics: भारत की बेटी अवनि ने शूटिंग में जीता गोल्ड, एक्सीडेंट में गवां चुकी हैं दोनों पैर

चैतन्य भारत न्यूज

टोक्यो पैरालंपिक में भारत की अवनि लेखरा ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर स्पर्धा एसएच-1 में यह स्वर्ण पदक जीता। टोक्यो पैरालंपिक में भारत का यह पहला स्वर्ण पदक है।

राजस्थान की अवनि लेखरा ने टोक्यो पैरालिंपिक में अवनि लेखरा ने 10 मीटर एयर राइफल में भारत को पहला गोल्ड दिलाया है। फाइनल में 249।6 पॉइंट हासिल कर उन्होंने यूक्रेन की इरिना शेटनिक के रिकॉर्ड की बराबरी की। शूटिंग में गोल्ड जीतने के साथ ही अवनि देश की पहली महिला खिलाड़ी बन गई, जिसने ओलिंपिक या पैरालिंपिक में गोल्ड मेडल जीता हो। महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 इवेंट में अवनि विश्व रैंकिंग में पांचवे पायदान पर मौजूद हैं।

अवनि को चीन की खिलाड़ी से मिली कड़ी टक्कर

नौ राउंड के इस फाइनल मुकाबले में अवनि को चीनी एथलीट सी झांग से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा। झांग ने क्वॉलिफिकेशन राउंड में टॉप पोजिशन हासिल की थीं और वो इस मुकाबले में गोल्ड की प्रबल दावेदार थीं। हालांकि अवनि ने अपने अचूक निशानों के दम पर झांग को मात देकर गोल्ड अपने नाम कर लिया। अवनि ने नौ राउंड में 52।0, 51।3, 21।6, 20।8, 21।2, 20।9, 21।2, 20।1, 20।5 के साथ कुल 249।6 का स्कोर बनाया जो की पैरालिंपिक खेलों का नया रिकॉर्ड है।

11 साल की उम्र में हुई थी एक्सिडेंट का शिकार

अवनि जयपुर की रहने वाली हैं। महज 11 साल की वो एक रोड एक्सीडेंट का शिकार हो गई थीं। इस एक्सीडेंट में अवनि स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के चलते पैरालाइज हो गईं थीं। अवनि ने अपने दोनों पैर गंवा दिए थे। वह व्हीलचेयर पर हैं। उनके मेडल जीतते ही उनके पिता प्रवीण लेखरा ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि उनकी बेटी ने गोल्ड जीत लिया है। मेडल की उम्मीद थी, मगर यह नहीं सोचा था कि गोल्ड आ जाएगा। शब्द नहीं हैं, कैसे बयान करूं।

 

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