मुंबई : आरे कालोनी में अब तक कटे 800 से ज्यादा पेड़, 100 प्रदर्शनकारी हिरासत में, धारा 144 लागू

Aarey colony

चैतन्य भारत न्यूज

मुंबई. उत्तरी मुंबई स्थित आरे कालोनी को जंगल घोषित करने वाली सभी याचिकाओं को बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। बता दें आरे कॉलोनी में मेट्रो डिपो बनाने के लिए करीब 2500 से ज्यादा पेड़ों को काटा जाना है। हाई कोर्ट के फैसले के बाद शुक्रवार रात जमकर हंगामा हुआ। दरअसल जैसे ही पेड़ों के काटने का काम शुरू हुआ तो विरोध कर रहे लोग वहां पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने पेड़ काटने के विरोध में जमकर नारेबाजी करना शुरू कर दी। साथ ही उस बाउंड्री में भी घुसने कोशिश की जहां पेड़ काटे जा रहे थे। जिसके बाद पुलिस ने करीब 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया।



प्रदर्शनकारियों को देखते हुए एसआरपी की 4 बटालियन के साथ एडिशनल, डीसीपी और 4 पुलिस स्टेशन के सीनियर अफसर शामे करीब 250 से भी ज्यादा पुलिस कर्मी मौके पर तैनात थे। प्रदर्शनकारियों ने विरोध करते हुए रोड जाम कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लोगों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। पर्यावरण कार्यकर्ताओं का दावा है कि, ‘पेड़ों की कटाई का आदेश आने के 15 दिन बाद इन्हें काटा जा सकता है।’ हालांकि मुंबई मेट्रो रेल निगम के प्रबंध निदेशक अश्विनी भिड़े ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि, ’15 दिन के नोटिस की बात पूरी तरह झूठी है। यह बिल्कुल आधारहीन है।’

सूत्रों के मुताबिक, अभी तक 800 से ज्यादा पेड़ काटे जा चुके हैं। पेड़ों को काटने के लिए कई सारी मशीन्स मंगवाई गई हैं। इलाके के 3 किलोमीटर तक किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है। मीडिया को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई है। इस सब हंगामे के बीच शनिवार को आरे कॉलोनी में धारा 144 भी लागू कर दी गई है। गिरफ्तार हुए लोगों के खिलाफ मुंबई पुलिस ने आईपीसी की धारा 353 और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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