बड़ी खबर: सिंधिया के खेमे के दो मंत्रियों ने दिया इस्‍तीफा, तुलसी सिलावट का नाम भी शामिल, सीएम शिवराज ने किया मंजूर

चैतन्य भारत न्यूज

भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा की 28 सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव के बीच बड़ी खबर सामने आई है। यहां बिना विधायक बने ही छह महीने होने पर मध्य प्रदेश के दो मंत्री तुलसी सिलावट और गोविंद राजपूत ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। मुख्यमंत्री ने दोनों के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है।

बता दें कि ये दोनों ही नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। साथ ही इस बार के उपचुनाव भी लड़ रहे हैं। दरअसल, कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बीते दिनों राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से जल संसाधन मंत्री सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत के पद को खत्म करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि बिना विधायकी के इन्हें मंत्री बनाया जो नियमों के मुताबिक गलत है।

जानें क्या है नियम?

संवैधानिक नियमों के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति जो किसी भी सदन का सदस्य नहीं है और मंत्री पद की शपथ लेता है तो उसको शपथ लेने के छह महीने के अंदर सदन का सदस्य बनना जरूरी होता है। लेकिन तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत अभी तक सदन के सदस्य नहीं बन पाए हैं।

उपचुनाव की बात करें तो सांवेर विधानसभा उपचुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी के तुलसीराम सिलावट और कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्डू के बीच है। हाल ही में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने नामांकन भरा तो वहीं, अगले दिन गुरुवार को प्रेमचंद गुड्डू ने नामांकन दाखिल किया। दोनों ने ही नामांकन के साथ अपनी आय का शपथ पत्र भी दिया है। सांवेर से चार बार विधायक रहे मध्यप्रदेश सरकार के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने इस बार भाजपा प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया।

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