कोरोना वायरस: सोने-चांदी के मास्क बेच रहा यह शिल्पकार, कहा- इनमें जीवाणुरोधी गुण होते हैं

चैतन्य भारत न्यूज

दुनियाभर में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है। जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती है तब तक मास्क ही सबसे बड़ी वैक्सीन मानी जा रही है। दुनियाभर में कई अलग-अलग प्रकार के मास्क बन चुके हैं। लेकिन तुर्की के एक शिल्पकार ने ऐसा मास्क बनाया है जिसकी दुनियाभर में चर्चा हो रही है। इस शिल्पकार ने सोने-चांदी के मास्क बनाने शुरू कर दिए। शिल्पकार का यह भी मानना है कि इस मास्क से कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, 43 वर्षीय शिल्पकार साबरी डेमिरसी लगभग 32 वर्षों से सोने-चांदी का काम कर रहे हैं। उनकी खुद की एक बड़ी दुकान भी है, जिसे बीच में महामारी के चलते बंद करना पड़ा था। लेकिन हाल ही में उसे फिर से खोला गया है। उन्होंने अपनी दुकान में अब फैशन से भरपूर मास्क रखने शुरू कर दिए। इतना ही नहीं उन्होंने सोने-चांदी के मास्क भी बनाने शुरू कर दिए। डेमिरसी का मानना है कि चांदी में जीवाणुरोधी गुण होते हैं। महामारी के दौरान घर पर बिताए समय के दौरान उन्होंने चांदी के मास्क को बनाने का फैसला किया।

उन्होंने अपनी दुकान में मास्क के लिए एक सांचे पर काम शुरू किया, जिसे उन्होंने जून में पूरा कर लिया। इसके बाद उन्होंने सोने और चांदी के मास्क का निर्माण शुरू किया और जब दुकान दोबारा खोलने का आदेश मिला तो इसे बेचने का काम भी शुरू कर दिया।

 

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