JNU में आपस में भिड़े दो छात्र समूह, छात्र संघ अध्यक्ष समेत 18 छात्र AIIMS में भर्ती, मिलने पहुंचीं प्रियंका गांधी

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में फिर हिंसा हुई है। यहां दो छात्रों के समूह आपस में भिड़ गए। सूत्रों के मुताबिक, छात्रों के एक समूह को कुछ नकाबपोश लोगों ने रॉड और डंडों से मारा। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने यह दावा किया है कि, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इस हिंसा को अंजाम दिया है। इस दौरान आइशी घोष पर भी हमला किया गया है। उनके सिर में गंभीर चोट आई है।

घोष के मुताबिक, ‘गुंडों ने नकाब पहनकर मुझ पर बेरहमी से हमला किया। मेरा खून बह रहा है। मुझे बेरहमी से पीटा गया।’ एम्स ट्रॉमा सेंटर द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि, जेएनयू से 18 लोग एम्स पहुंचे हैं। बता दें प्रियंका गांधी घायलों का हाल जानने पहुंची हैं। इनमें से ज्यादातर के सिर से खून बह रहा था साथ ही उन्हें खरोंचे आईं हैं। हिंसा बढ़ती देख गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर अमूल्य पटनायक से जेएनयू के हालातों पर बातचीत की है।

दूसरी ओर एबीवीपी ने लेफ्ट के छात्र संगठनों एसएफआई, आइसा और डीएसएफ पर अपने कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया है। एबीवीपी की जेएनयू यूनिट के अध्यक्ष दुर्गेश कुमार ने बताया कि, ‘जेएनयू में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर लेफ्ट के छात्र संगठनों एसएफआई, आइसा और डीएसएफ से जुड़े करीब 400 से 500 लोगों ने हमला किया है। इस हमले में एबीवीपी से जुड़े करीब 15 छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं।’ साथ ही दुर्गेश ने यह आरोप भी लगाया है कि जेएनयू के अलग-अलग हॉस्टल में एबीवीपी से जुड़े छात्रों पर हमला किया गया है और हॉस्टलों की खिड़कियों दरवाजों को लेफ्ट के छात्र संगठनों ने बुरी तरह से तोड़ दिया है।

वहीं जेएनयूएसयू ने यह दावा किया कि, साबरमती और अन्य हॉस्टल में एबीवीपी ने प्रवेश कर छात्रों की पिटाई की। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने पथराव और तोड़फोड़ भी की। जानकारी के मुताबिक, तोड़फोड़ करने वाले लोगों ने नकाब पहना हुआ था।

इस मामले में राहुल गांधी ने कहा कि, ‘नाकाबपोश ठगों ने जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों पर बेरहमी से हमला किया। इसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना बेहद हैरान करने वाली है। फासीवादी हमारे बहादुर छात्रों की आवाज से डर रहे हैं। जेएनयू में आज हुई हिंसा इस डर को दिखाती है।’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर जेएनयू में हिंसा को लेकर कहा कि, ‘जेएनयू में हिंसा की घटना से हैरान हूं। छात्रों पर बुरी तरह हमला किया गया है। पुलिस को फौरन हिंसा को रोकना चाहिए और शांति बहाल करना चाहिए।’ सात ही केजरीवाल ने यह सवाल भी उठाया कि, ‘अगर हमारे छात्र यूनिवर्सिटी कैंपस में सुरक्षित नहीं होंगे, तो देश कैसे विकास करेगा?’

गौरतलब है कि जेएनयू के छात्र पिछले काफी समय से बढ़ी हुई फीस को लेकर भी प्रदर्शन कर रहे थे। कुछ छात्रों ने इसे लेकर रजिस्ट्रेशन का भी विरोध किया था। बताया जा रहा है कि छात्र संगठनों के बीच पिछले दो दिनों से तनाव का माहौल चल रहा था।

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