पंजाब नेशनल बैंक में हुआ यूनाइटेड बैंक और ओरिएंटल बैंक का विलय, जानिए आप पर क्या होगा असर

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. साल 2017 में देश में सार्वजनिक क्षेत्र के कुल 27 बैंक थे, जो अब घटकर 12 रह गए हैं। अब ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी), यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआइ), सिंडिकेट बैंक, आंध्रा बैंक, कॉरपोरेशन बैंक और इलाहाबाद बैंक इतिहास का हिस्सा बन गए हैं।

मोदी सरकार ने सबसे बड़े विलय का ऐलान करते हुए 30 अगस्त 2019 को इन बैंकों को चार अलग-अलग सरकारी बैंकों में मिलाने की घोषणा की थी। जिसके बाद 1 अप्रैल से बैंकों का विलय लागू हुआ है। बता दें इनमें 6 विलय वाले बैंक और 6 स्वतंत्र बैंक हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय पंजाब नेशनल बैंक में हुआ है। वहीं, सिंडिकेट बैंक का विलय केनरा बैंक में कर दिया गया है। आंध्रा बैंक व कॉरपोरेशन बैंक को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में मिलाया गया है। इसके अलावा इंडियन बैंक का विलय इलाहाबाद बैंक में हो गया है।


पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने बुधवार को कहा कि, ‘यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) की सभी शाखाओं ने उसकी शाखाओं के रूप में काम करना शुरू कर दिया है।’ विलय के बाद जो बैंक बना है वह शाखा और कारोबार दोनों के ही लिहाज से भारतीय स्टेट बैंक के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया है।

  • विलय के बाद अब पंजाब नेशनल बैंक 11 हजार शाखाओं और 18 लाख करोड़ रुपए की पूंजी के साथ भारतीय स्टेट बैंक के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया है।
  • बैंक ऑफ बड़ौदा अब दूसरे से तीसरे स्थान पर आ गया है।
  • 15.20 लाख करोड़ रुपए की पूंजी के साथ केनरा बैंक अब चौथे स्थान पर आ गया है।
  • यूनियन बैंक 14.59 लाख करोड़ रुपए पूंजी के साथ देश का पांचवां सबसे बड़ा बैंक बन गया है।
  • इलाहाबाद व इंडियन बैंक का संयुक्त कारोबार 8.08 लाख करोड़ का होगा और यह देश का सातवां सबसे बड़ा बैंक होगा।

इसके साथ ही सरकारी क्षेत्र के बैंकों की संख्या 18 से घट कर 12 रह गई है। विलय के बाद सार्वजनिक सेक्टर में सिर्फ भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और यूको बैंक ही रह जाएंगे।

तकनीकी तौर पर तो विलय बुधवार को हो गया है। लेकिन इसकी जमीनी तौर पर प्रक्रिया के पूरी होने में थोड़ा समय लगेगा। दरअसल पूरे देश में अभी लॉकडाउन चल रहा है, इस वजह से विलय से संबंधित कई काम पूरे नहीं हो सके हैं। ग्राहकों को नई चेक बुक और एटीएम देने का काम भी प्रभावित हुआ है। फिलहाल ग्राहकों की पुरानी चेक बुक और एटीएम पहले की तरह काम करेंगे।

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