उन्नाव रेप केस: पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में कुलदीप सेंगर को 10 साल की सजा और 10 लाख जुर्माना

kuldeep singh sengar

चैतन्य भारत न्यूज

लखनऊ. उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत सभी सातों दोषियों को को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपितों पर 10-10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने जुर्माने की रकम पीड़िता को देने का आदेश दिया है।


हत्या में पुलिसकर्मी भी शामिल

हत्या के मामले में सजा पाने वाले दोषियों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इनमें से एक अधिकारी वारदात के समय माखी थाना के SHO थे। वहीं दूसरा माखी थाना में ही सब-इंस्पेक्टर के तौर पर नियुक्ता था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में कोर्ट से दोषियों के लिए अधिक से अधिक सजा देने की मांग की थी।

ये हैं दोषी

बता दें कि दुष्कर्म पीड़िता के पिता की 9 अप्रैल, 2018 को न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी। इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर समेत कुल 11 आरोपी थे जिसमें से कोर्ट ने 4 को बरी कर दिया गया था। कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर, कामता प्रसाद (सब इंस्पेक्टर), अशोक सिंह भदौरिया (SHO), विनीत मिश्रा उर्फ विनय मिश्रा, बीरेंद्र सिंह उर्फ बउवा सिंह, शशि प्रताप सिंह उर्फ सुमन सिंह और जयदीप सिंह उर्फ अतुल सिंह को इस मामले में दोषी करार दिया गया है। कोर्ट ने शैलेंद्र सिंह उर्फ टिंकू सिंह, राम शरण सिंह उर्फ सोनू सिंह, अमीर खान, कॉन्स्टेबल और शरदवीर सिंह को पीड़िता के पिता की हत्या के आरोप में बरी कर दिया गया है।

कोर्ट ने क्या कहा

कोर्ट ने 4 मार्च को फैसला सुनाते हुए कहा था कि, ‘दुष्कर्म पीड़िता के पिता को इतनी बुरी तरह से पीटा गया था कि मौत हो गई। मृतक के शरीर पर 18 जख्म थे। यह मेरी जिंदगी का सबसे चुनौतीपूर्ण ट्रायल रहा।’ इसके बाद गुरुवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान कुलदीप सिंह सेंगर ने दलील दी थी कि, ‘अगर उसने कुछ गलत किया है तो उसे फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए और उसकी आंखों में तेजाब डाल दिया जाना चाहिए।’

क्या है मामला

पीड़िता के पिता अपने एक साथी के साथ गांव लौट रहे थे। इस दौरान शशि प्रताप सिंह नामक एक शख्स ने उनसे लिफ्ट मांगी थी लेकिन लेकिन उन्होंने लिफ्ट देने से इंकार कर दिया। फिर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। शशि प्रताप ने अपने कुछ साथियों को बुलाया जिसमें सेंगर का भाई अतुल भी था। उन लोगों ने पीड़िता के पिता को बुरी तरह से पीटा। इस दौरान वो गंभीर रूप से घायल हो गए। फिर उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय पुलिस स्टेशन ले जाय गया जहां दो दिन बाद 9 अप्रैल, 2018 को पुलिस हिरासत में उनकी मौत हो गई।

दुष्कर्म मामले में मिल चुकी है उम्रकैद की सजा

गौरतलब है कि उन्नाव के बांगरमऊ से बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर नाबालिग लड़की ने 2017 में दुष्कर्म का आरोप लगाया था। दरअसल पीड़िता शशि सिंह नामक एक महिला के साथ 4 जून 2017 को नौकरी मांगने के लिए सेंगर के घर पहुंची थी। महिला सेंगर की करीबी थी। इस दौरान सेंगर ने पीड़िता का बलात्कार किया।

साल 2018 में इस संबंध में सीबीआई ने मामला दर्ज किया था। जांच के बाद सेंगर को 14 अप्रैल, 2018 को गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद बीजेपी ने उसे पार्टी से निष्काषित कर दिया था। इस मामले में 16 दिसंबर, 2019 को तीस हजारी कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी ठहराया था। फिर 20 दिसंबर को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी और पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।

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