कभी बीजेपी के लिए संकटमोचक बनी थी पुलिस अधिकारी को धमकाने वाली मंत्री स्वाति सिंह, लग चुका है घरेलू हिंसा का आरोप

up swati singh

चैतन्य भारत न्यूज

वाराणसी. उत्तरप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की राज्यमंत्री (महिला एवं बाल विकास) स्वाति सिंह लखनऊ के सीओ कैंट से ऑडियो क्लिप वायरल हो जाने के बाद वह फिर से चर्चा में आ गईं हैं। लखनऊ कैंट की एक पुलिस अधिकारी को धमकी देने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वाति सिंह को तलब किया है। साथ ही सीएम योगी ने इस मामले में डीजीपी से 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट भी मांगी है। बता दें स्वाति कभी बीजेपी के लिए संकटमोचक बनी थीं, लेकिन अब वह पार्टी के लिए परेशानी का कारण बन गईं हैं।


स्वाति के पति ने मायावती पर की थी अपमानजनक टिप्पणी

स्वाति सिंह ने राजनीति में अचानक ही प्रवेश लिया था। उनके पति दयाशंकर बीजेपी के नेता हैं। साल 2014 में नरेंद्र मोदी के सत्ता में आ जाने के बाद बीजेपी का पूरा फोकस यूपी चुनाव 2017 जीतना था। इसके लिए अमित शाह ने खास रणनीति पर काम भी शुरू कर दिया था। उस समय प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार थी। चुनाव से पहले यानी जुलाई 2016 में दयाशंकर सिंह ने बसपा सुप्रीमो मायावती को लेकर अपमानजनक टिप्पणी कर दी थी। इसके बाद तो जैसे राज्य की राजनीति में सियासी तूफान आ गया था। बसपा ने उसे बहुत बड़ा मुद्दा बना दिया था और पार्टी पर जमकर हमला बोला था। पार्टी को समझ नहीं आ रहा था कि चुनाव के समय कैसे ड्रेमेज कंट्रोल किया जाए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पार्टी ने दयाशंकर सिंह को बीजेपी से 6 साल के निष्कासित कर दिया था।

स्वाति ने बसपा के खिलाफ खोला मोर्चा

फिर बसपा के तत्कालीन नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने दयाशंकर सिंह पर हमला बोलते हुए उनकी पत्नी स्वाति सिंह व बच्ची पर विवादित बयान दे दिया। बसपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान अपने हाथों में लिए बैनर और पोस्टरों में दयाशंकर के परिवार वालों को लेकर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल भी किया था जिससे आहत स्वाति ने बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ हमला बोला था। उस दौरान मायावती और उनके बीच खूब बयानबाजी भी हुई थी। स्वाति सिंह ने बसपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। स्वाति सिंह ने जिस अंदाज में मायावती को जवाब दिया था उससे बीजेपी को हारी बाजी में जीत की राह दिख गई। इसके बाद बीजेपी ने स्वाति सिंह को लेकर बड़ा आंदोलन कर दिया था। उन्होंने बेटी के सम्मान में खूब नारे लगाए थे। इसी लड़ाई में जीत हासिल कर स्वाति सिंह के राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई।

बीजेपी के लिए संकटमोचक बनी स्वाति

बीजेपी ने खतरे के समय अपने लिए संकटमोचक बनी स्वाति सिंह को राज्य महिला विंग का अध्यक्ष बना दिया। साथ ही उन्होंने स्वाति के पति दयाशंकर को भी पार्टी में वापस ले लिया। उस समय दयाशंकर चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन पार्टी ने स्वाति सिंह को लखनऊ की सरोजनी नगर सीट से टिकट दिया। फिर स्वाति चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं और योगी सरकार में मंत्री भी बनीं।

स्वाति पर महिला उत्पीड़न का लग चुका है आरोप

लेकिन कम ही लोग जानते होंगे कि महिलाओं के सम्मान की बात करने वाली स्वाति खुद महिला उत्पीड़न के मामले में भी आरोपी हैं। जानकारी के मुताबिक, स्वाति सिंह पर भाभी के साथ मारपीट करने, बिना तलाक लिए भाई की दूसरी शादी कराने और भाभी को घर से निकालने का आरोप है। जी हां… लखनऊ के आशियाना थाने में स्वाति के खिलाफ अपनी ही भाभी के के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और घरेलू हिंसा का मामला दर्ज है। स्वाति समय-समय पर सुर्खियों में बनी रहती हैं। कभी वो बियर बार का उद्घाटन करने पर सुर्खियों में रहीं, तो इन दिनों फोन पर पुलिस अधिकारी को मुकदमा नहीं लिखने की धमकी देने वाले ऑडियो वायरल होने के बाद वह चर्चा में हैं।

यह भी पढ़े…

सीओ को धमकी देने के मामले में सीएम योगी ने मंत्री स्वाति सिंह को लगाईं फटकार, डीजीपी से मांगी रिपोर्ट

Related posts