उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब पीने से 82 लोगों की मौत

चैतन्य भारत न्यूज।

उत्तरप्रदेश/उत्तराखंड। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कुशीनगर में शनिवार को एक और व्यक्ति की मौत हो गई। इसके साथ ही दोनों प्रदेशों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है। जानकारी के अनुसार मेरठ में 18, सहारनपुर में 36, रूड़की में 20 और कुशीनगर में 8 लोगों की मौत हुई है।

80 लाख रुपए की शराब जब्त, अवैध फैक्ट्रियां सील

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य पुलिस ने अवैध रूप से शराब बनाने और बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पूरी कार्रवाई में लगभग 80 लाख रुपए की शराब जब्त की गई है। 1600 शराब की पेटियां बंद ट्रक में भूसे के ढेर में छिपा कर लाई जा रही थीं। यूपी पुलिस और आबकारी विभाग ने संयुक्त रूप से इस पर कार्रवाई की है। वहीं कई जगह अवैध फैक्ट्रियां भी सील की गई हैं।

लापरवाही के चलते कई पुलिसकर्मी निलंबित

इस बड़ी लापरवाही पर सहारनपुर के नागल थाना प्रभारी सहित दस पुलिसकर्मी और आबकारी विभाग के तीन इंस्पेक्टर व दो कांस्टेबल सस्पेंड कर दिए गए। नागल थाना प्रभारी हरीश राजपूत, एसआई अश्वनी कुमार, अय्यूब अली और प्रमोद नैन के अलावा कांस्टेबल बाबूराम, मोनू राठी, विजय तोमर, संजय त्यागी, नवीन और सौरव को सस्पेंड कर दिया गया है। आबकारी विभाग के सिपाही अरविंद और नीरज भी निलंबित किए गए हैं।

दर्जनों जिलों में छापेमारी का चल रहा अभियान

पूरे प्रदेश में अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान बस्ती, महराजगंज, देवबंद, गोरखपुर, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट, गाजियाबाद, सहारनपुर, मेरठ, बुलंदशहर, मथुरा समेत दर्जनों जिलों में एकसाथ आबकारी और पुलिस की छापेमारी चल रही है।

योगी राज में अपराधी मस्त जनता त्रस्त

कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने जहरीली शराब से हुई मौत पर योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में क्रिमिनल फ्रेंडली सरकार है। योगी राज में अपराधी मस्त है जनता त्रस्त।

कैसे बनती है ये जहरीली शराब?

कच्ची शराब को जहरीली बनाने के लिए सबसे पहले महुए की लहन को सड़ाया जाता है उसके बाद उसमें ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल किया जाता है। कुछ मात्रा में इसमें नौसादर और यूरिया भी डाला जाता है। कच्ची शराब को और अधिक नशीली बनाने के चक्कर में शराब जहरीली हो जाती है।

सामान्यत: गुड़, शीरा से लहन तैयार होता है और उस लहन को मिट्टी में गाड़ दिया जाता है।इसमें यूरिया और बेसरमबेल की पत्ती भी डाल दी जाती है। अधिक नशीली बनाने के लिए इसमें ऑक्सिटोसिन मिला दिया जाता है, ऑक्सिटोसिन एक केमिकल पदार्थ है जिसे मिलाने की वजह से मिथाइल एल्कोल्हल बन जाता है मिथाइल शरीर में जाते ही केमि‍कल रि‍एक्‍शन तेज कर देता है और व्यक्ति की मौत हो जाती है।

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