ग्लेशियर हादसा: 197 लोग अब भी लापता, 29 शव बरामद, तपोवन सुरंग को खोलने में नहीं मिली सफलता

चैतन्य भारत न्यूज

रविवार को उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने से आई तबाही के बाद से ही अब तक लापता लोगों की तलाश की जा रही है। बचावकर्मियों को सबसे ज्यादा मुश्किल से तपोवन की सुरंग में आ रही है। यहां करीब 37 लोगों के फंसे होने की आशंका है। सुरंग कीचड़ से लबालब भरी हुई है। इस वजह से अंदर जाने में दिक्कत हो रही है। हालांकि, रेस्क्यू करने वाली टीम अभी भी मिशन में जुटी हैं।


उत्तराखंड की घटना में अभी तक 29 शव बरामद किए गए हैं जबकि 197 की तलाश अब भी जारी है। बताया जा रहा है कि सभी शव सुरंग से और आसपास के क्षेत्रों में नदियों के किनारे से मिले हैं। वहीं उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने आज सुबह बताया कि सुरंग में थोड़ा और आगे बढ़े हैं, अभी सुरंग पूरी तरह से खुली नहीं है। हमें उम्मीद है कि दोपहर तक वह खुल जाएगी।


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने बताया कि दूसरी टनल को खोलने में अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। ऐसे में अब हम एक दूसरे रास्ते से घुसने की कोशिश कर रहे हैं। अभी तक कुल 29 शव बरामद हुए हैं बाक़ी लोगों की ढूंढने का काम तेज़ी से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का आज भी फोन आया था। उन्होंने हालात के बारे में पूरी जानकारी ली। अभी उनके उत्तराखंड आने की जानकारी नहीं है। सीएम ने बताया कि डीआरडीओ और कुछ वैज्ञानिक ऋषिगंगा ग्लेशियर का सर्वे कर रहे हैं। ये पता किया जा रहा है कि ये तबाही क्यों आई?


उत्तराखंड त्रासदी कोष में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने स्वैच्छिक कोष से 11 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। उत्तराखंड में दो दिन पहले जोशीमठ के पास ग्लेशियर फटने की वजह से हादसा हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार देवभूमि उत्तराखंड को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।

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