पुष्कर सिंह धामी बने उत्तराखंड के सबसे युवा मुख्यमंत्री, सिर पर सजा राज्य के 11वें सीएम का ताज

चैतन्य भारत न्यूज

पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। वह राज्य के 11वें मुख्यमंत्री बने हैं। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही धामी कैबिनेट में सभी पुराने मंत्रियों को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री के साथ सभी 11 मंत्रियों को भी आज सीएम के साथ शपथ दिलाई गई।

धामी के नाम का ऐलान शनिवार को देहरादून में हुई बीजेपी के विधायक दलों की बैठक में किया गया था। हालांकि, उनके मुख्यमंत्री बनाए जाने की वजह से कई बीजेपी नेताओं में नाराजगी की भी बातें सामने आई थीं। सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि आज सुबह से ही इस मामले पर बंद कमरे में बैठकें की जा रही थीं। ऐसी चर्चा थी कि पार्टी का एक खेमा पुष्कर सिंह धामी को सीएम बनाए जाने से नाराज है। हालांकि, बीजेपी विधायकों ने इस बात को नकार दिया था।

विधायक हैं पुष्कर सिंह

बता दें कि पुष्कर सिंह धामी खटीमा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। आरएसएस के करीबी माने जाने वाले पुष्कर सिंह धामी बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे दो बार खटीमा से विधायक चुने जा चुके हैं। धामी का जन्म 16 सितंबर, 1975 को पिथौरागढ़ जिले में हुआ था।

विवादित बयानों से चर्चा में रहे तीरथ

बतौर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का 114 दिन का कार्यकाल उनके विवादित बयानों के लिए ज्यादा जाना जाएगा। फटी जींस से लेकर 20-20 बच्चे वाले उनके बयानों को शायद ही कोई भूला हो। पद संभालते ही भावावेश में तीरथ कुछ का कुछ बोलते रहे। कुंभ के दौरान उन्होंने संतों को खुश करने के लिए जिस तरह से कोरोना के नियमों में छूट देने का अधिकारियों को इशारा किया, उससे हिंदुओं का यह मेला कोरोना का हॉटस्पॉट बन गया। यही नहीं, कोर्ट की आंखों में धूल झोंकने के लिए BJP के करीबियों द्वारा सैंपलिंग और टेस्टिंग में जिस तरह से फर्जीवाड़ा किया गया, उससे तीरथ सरकार की छवि को बट्टा ही लगा।

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