फिरोज खान के समर्थन में आईं मायावती और प्रियंका, कहा- प्रशासन का ढुलमुल रवैया इस मामले को दे रहा तूल

firoz khan,bhu,varansi

चैतन्य भारत न्यूज

वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर राजस्थान के निवासी फिरोज खान की नियुक्ति पर घमासान मचा हुआ है। विश्वविद्यालय के छात्र फिरोज की नियुक्ति के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, तो वहीं कुछ हिंदू संगठन भी इसके विरोध में उतर आए हैं।



फिरोज की नियुक्ति को लेकर मचे बवाल के बीच मायावती ने बयान दिया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। मायावती का कहना है कि ‘प्रशासन का ढुलमुल रवैया ही मामले को बेवजह तूल दे रहा है। कुछ लोगों द्वारा शिक्षा को धर्म और जाति की अति-राजनीति से जोड़ने के कारण उपजे इस विवाद को कतई उचित नहीं ठहराया जा सकता।’

उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, ‘मुस्लिम संस्कृत विद्वान को अपने शिक्षक के रूप में नियुक्त करना टैलेंट को सही श्रय देना ही माना जाएगा और इस संबंध में मनोबल गिराने वाला कोई भी काम किसी को करने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जानी चाहिए। सरकार इस पर ध्यान दे तो बेहतर होगा।’

इसके अलावा प्रियंका गांधी ने ट्वीटर कर कहा कि, ‘हमारी भाषाएं  और संस्कृति हमारी विशेषता है, हमारी मजबूती है। संस्कृत भाषा में ही लिखा गया है, “सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः। इस भाषा में विशालता है। हमारे देश के संविधान में विशालता है। विश्वविद्यालय में संस्कृत कोई भी अध्यापक पढ़ा सकते हैं।’

वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर अपने एक पोस्ट में कविता लिखी है। उन्होंने लिखा कि…

किस धर्म की जुबान क्या होगी

चलो अब ये भी छांट लेते हैं

मंदिर-मस्जिद में बंट गई है धरती

अब जुबानें भी बांट लेते हैं…

ये भी पढ़े…

बीएचयू : संस्कृत के मुस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति पर छात्रों का विरोध, छलका फिरोज खान और उनके पिता का दर्द

BHU : मुस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति के बाद अब रामायण-महाभारत के अध्याय को कोर्स से हटाने पर विवाद

Related posts