बंगाल चुनाव में जमकर मची थी ‘खेला होबे’ नारे की धूम, अब ममता बनर्जी ने किया ‘खेला होबे दिवस’ मनाने का ऐलान

चैतन्य भारत न्यूज

चुनावी मौसम में लगाने वाले नारे पार्टी के कार्यकर्ताओं के मनोबल को ऊंचा रखने का काम करते हैं। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भी लोगों के बीच पॉपुलर हुए ‘खेला होबे’ के नारे को अब ममता बनर्जी की सरकार एक पूरे कार्यक्रम की शक्ल देने जा रही है। जी हां।।। दीदी ने प्रदेश में ‘खेला होबे दिवस’ मनाने का फैसला किया है। फुटबॉल के लिए मशहूर बंगाल में स्पोर्ट्स डेवलपमेंट की दिशा में इस दिन को मनाने का फैसला किया गया है।


ममता बनर्जी ने मंगलवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि, अगर चुनाव आयोग ने भाजपा की मदद नहीं की होती तो वह 30 सीट भी नहीं जीत पाती। उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा चुनाव में जनता ने नारा ‘खेलो होबे’ को खूब सराहा। इसलिए अब राज्य में खेला दिवस मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि लोगों ने खेला होबे को सराहा है, अब हम खेला होबे दिवस मनाएंगे। भाजपा के विधायक शिष्टाचार और शालीनता नहीं जानते और विधानसभा में पिछले दिनों राज्यपाल जगदीप धनखड़ के अभिभाषण के दौरान हुए हंगामे से यह बात जाहिर हो गई है। धनखड़ ने दो जुलाई को राज्य विधानसभा में भाजपा सदस्यों के शोर-शराबे के बीच अपने 18 पन्नों के अभिभाषण की कुछ पंक्तियां ही पढ़ीं और लिखित भाषण सदन के पटल पर रखा। भाजपा विधायक राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा को लेकर नारेबाजी कर रहे थे।

मुख्यमंत्री बनर्जी ने सदन में अपने भाषण में कहा कि, राज्य में भाजपा विधायकों को केंद्र के भाजपा नेतृत्व द्वारा चुने गये राज्यपाल के सदन में अभिभाषण देने में अवरोध पैदा नहीं करना चाहिए था। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा, मैंने राजनाथ सिंह से लेकर सुषमा स्वराज तक अनेक भाजपा नेताओं को देखा है। हालांकि, यह भाजपा अलग है। वे (भाजपा सदस्य) संस्कृति, शिष्टाचार, शालीनता और सभ्यता नहीं जानते।

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