नारदा केस: CBI ने ममता बनर्जी के मंत्रियों और नेताओं को किया गिरफ्तार, TMC कार्यकर्ताओं ने की पत्थरबाजी, यहां जानें पूरा मामला

चैतन्य भारत न्यूज

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार की तीसरी बार प्रचंड बहुमत से सत्ता में वापसी होने के बाद नारदा घोटाले की जांच एक बार फिर शुरू हो गई है। नारदा स्टिंग मामले में सोमवार को लिए गए सीबीआई के एक्शन के बाद बंगाल की राजनीति फिर गरमा गई है।

इन्हें किया गया गिरफ्तार

पार्टी के कई मंत्रियों की गिरफ्तारी के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सीबीआई दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। हालात बेकाबू होने पर यहां पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज किया। सीबीआई ने नारदा मामले में आरोपी कैबिनेट मंत्री फिरहाद हकीम, कैबिनेट मंत्री सुब्रत मुखर्जी, टीएमसी विधायक मदन मित्रा और पूर्व भाजपा नेता सोवन चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया गया। इसी के बाद बवाल शुरू हुआ है।


आपको बता दें कि 2016 में सामने आए नारदा स्टिंग के मामले में बीते दिनों ही राज्यपाल से जांच करने की इजाजत मिली थी। इसी केस में सीबीआई ने सोमवार को टीएमसी के नेताओं के घर पर छापेमारी की थी और उन्हें अपने साथ दफ्तर ले आई थी।

मंत्रियों पर एक्शन के बाद ममता आगबबूला

सबसे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीबीआई के दफ्तर पहुंचीं और गिरफ्तारी का विरोध किया। साथ ही चेतावनी दी कि सीबीआई को उन्हें भी गिरफ्तार करना होगा। देखते ही देखते सीबीआई दफ्तर के बाहर टीएमसी कार्यकर्ताओं का हुजूम लगना शुरू हो गया। पहले यहां सीबीआई के एक्शन के खिलाफ नारेबाजी हुई और कुछ ही देर में पत्थरबाजी हुई, इस दौरान सुरक्षाबलों पर पत्थर, बोतल और अन्य सामान डाले गए। जिसके बाद केंद्रीय सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज भी किया।

क्या है नारदा स्टिंग मामला?

बंगाल में साल 2016 के विधानसभा चुनाव से पहले नारदा स्टिंग टेप सार्वजनिक हुए थे। नारदा न्यूज के सीईओ मैथ्यू सैमुएल ने एक स्टिंग वीडियो जारी कर बंगाल की राजनीति में हलचल मचाई थी। इस वीडियो में वे एक कंपनी के प्रतिनिधि के तौर पर तृणमूल कांग्रेस के सात सांसदों, तीन मंत्रियों और कोलकाता नगर निगम के मेयर शोभन चटर्जी को काम कराने के एवज में मोटी रकम देते नजर आ रहे थे। स्टिंग्स सामने आने के बाद राज्य में खूब बवाल मचा। मामला हाई कोर्ट पहुंचा। जिसके बाद इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई। तभी स्टिंग में ही फिरहाद हाशमी सुब्रत मुखर्जी, तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा और पूर्व मेयर शोभन चटर्जी का नाम सामने आया था। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी इसे राजनीतिक साज़िश करार देती रही हैं। उनका आरोप है कि इस स्टिंग वीडियो को भाजपा के दफ्तर से जारी किया गया था।

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