अपनी ही बेटी की हत्या की आरोपित हैं इंद्राणी मुखर्जी, इनके बयान से चिदंबरम फंसे मुश्किल में

indrani mukerjea

चैतन्य भारत न्यूज

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम सीबीआई हिरासत में हैं और इसके पीछे एक महिला का हाथ है। ये महिला है इंद्राणी मुखर्जी जो खुद अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं। इंद्राणी मुखर्जी द्वारा दिए गए एक बयान की वजह से ही चिदंबरम इस समय जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। आइए जानते हैं कौन हैं इंद्राणी मुखर्जी और चिंदबरम के खिलाफ उन्होंने ऐसा कौन सा बयान दिया था, जिससे वह मुसीबतों के घेरे में पहुंच गए हैं।



 

कौन हैं इंद्राणी मुखर्जी

इंद्राणी INX मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की पूर्व निदेशक हैं। इंद्राणी और उनके पति पीटर मुखर्जी का नाम INX मीडिया द्वारा प्राप्त धन के लिए साल 2007 में विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की अवैध तरीके से मंजूरी हासिल करने से संबंधित मामले में सामने आया था। इंद्राणी बड़े-बड़े उद्योगपतियों, सेलिब्रिटीज और राजनेताओं तक पहुंच रखती हैं। इंद्राणी को मुंबई पुलिस ने अगस्त 2015 में उनकी बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। शीना इंद्राणी और उनके प्रेमी सिद्धार्थ दास की बेटी थी। सिद्धार्थ और इंद्राणी के 1986 से 1989 तक संबंध में रहे हैं। इस मामले में पहले मुंबई पुलिस और फिर सीबीआई ने इंद्राणी, शीना के सौतेले पिता पीटर मुखर्जी और इंद्राणी के ड्राइवर को गिरफ्तार किया था। अभी इंद्राणी और पीटर दोनों ही इस मामले में जेल में बंद हैं।

इसलिए हुई थी शीना बोरा की हत्या

शीना की हत्या इसलिए की गई थी क्योंकि शीना अपनी मां इंद्राणी से मुंबई में एक फ्लैट की मांग कर रही थी। जानकारी के मुताबिक, शीना अपनी मां को ब्लैकमेल कर रही थी। दरअसल, इंद्राणी यह नहीं चाहती थी कि शीना का नाम उसकी बेटी के तौर पर दुनिया के सामने न आए। इंद्राणी शीना को अपनी बहन बताती थी। इसके अलावा इंद्राणी और पीटर शीना से इस बात से भी नाराज थे कि उसके संबंध पीटर के बेटे राहुल से थे। इस वजह से दोनों ने मिलकर उसकी हत्या की गई।

2007 में इंद्राणी ने शुरू किया था INX मीडिया

इंद्राणी के पहले पति संजीव खन्ना और दूसरे पति पीटर मुखर्जी हैं। पीटर रिटायर्ड इंडियन टेलीविजन एक्जक्यूटिव हैं। साल 1997 से 2007 तक वह स्टार भारत के सीईओ भी रह चुके हैं। इंद्राणी ने पीटर के संग साल 2007 में आईएनएक्स मीडिया कंपनी की शुरूआत की। 2009 में दोनों ने आईएनएक्स मीडिया से इस्तीफा दे दिया। इंद्राणी इससे पहले एचआर कंसल्टेंट और मीडिया एक्जक्यूटिव भी रह चुकी थीं।

चिंदबरम के खिलाफ सरकारी गवाह हैं इंद्राणी

इंद्राणी और पीटर ने INX मीडिया मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम और ईडी को बताया था कि उन्होंने साल 2006 में नार्थ ब्लॉक कार्यालय में तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम से कंपनी में विदेशी निवेश की मंजूरी प्राप्त करने हेतु मुलाकात की थी। तब चिदंबरम ने उन्हें अपने बेटे कार्ति से मिलने की बात कही थी। इसके बदले में चिदंबरम ने उनसे कार्ति के बिजनेस में मदद करने को भी कहा था। कोर्ट में इंद्राणी ने यह बयान दिया था कि, कार्ति ने उनसे 10 लाख डॉलर की रिश्वत मांगी थी। फिर इंद्राणी रिश्वत देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्ति की कंपनी में शामिल हुईं। फिर फर्जी मुआवजे के तौर पर कार्ति की कंपनी ASCPL और उससे जुड़ी अन्य कंपनियों ने INX मीडिया के लिए सात लाख डॉलर के चार चालान बनाए और उनका भुगतान किया गया। पिछले साल फरवरी में कार्ति इस मामले को लेकर गिरफ्तार भी हुए थे।

क्या है INX मीडिया मामला

बता दें चिदंबरम पर INX मीडिया को फॉरेन इंवेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड से गैरकानूनी तरीके से स्वीकृति दिलाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप है। इस केस में चिदंबरम को अब तक कोर्ट से करीब 24 बार अंतरिम प्रोटेक्शन यानी गिरफ्तारी पर रोक की राहत मिली गई है। ये मामला उस समय का है जब साल 2007 में चिदंबरम वित्त मंत्री थे। 2017 में इस मामले में सीबीआई ने फॉरेन इंवेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड से मिली स्वीकृति में गड़बड़ी पर एफआईआर दर्ज की थी। फिर साल 2018 में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। इंद्राणी को इस मामले में अप्रूवर बनाया गया। साथ ही 2019 में उनका बयान भी रिकॉर्ड किया गया था। सीबीआई के मुताबिक, इंद्राणी ने गवाही दी कि उन्होंने चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को 10 लाख डॉलर दिए थे।

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