WHO की चेतावनी- कोरोना की ‘सेकेंड वेव’ के लिए तैयार हो जाएं एशिया, रेमडेसिविर का इस्तेमाल न करने की दी सलाह

चैतन्य भारत न्यूज

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के क्षेत्रीय निदेशक ने चेतावनी देते हुए कहा है कि, सर्दियों के करीब आते ही पूरे एशिया में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और संक्रमण से बड़ी संख्या में मौत के मामले रोकने के लिए देशों को पाबंदियों को और कड़ा करने और बचाव के कदम उठाने की जरूरत है। WHO के पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र के निदेशक अहमद अल मंधारी ने काहिरा में कहा कि, दक्षिण-पश्चिम एशियाई देशों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और उन्हें अब सेकेंड वेव के लिए तैयार हो जाना चाहिए।

रेमडेसिविर इंजेक्शन के इस्तेमाल को रोकना चाहिए

उन्होंने कहा कि, इस क्षेत्र के देशों ने वर्ष की शुरुआत में कड़े लॉकडाउन लागू किए लेकिन अब वे ढिलाई बरत रहे हैं। महामारी से बचने के मूलभूत उपायों-सामाजिक दूरी का पालन करने से ले कर मास्क लगाने तक का हमारे क्षेत्र में पूरी तरह से पालन नहीं हो रहा है और इसी का परिणाम है कि क्षेत्र भर के अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं। WHO ने कहा है कि, दुनिया के जिन देशों के अस्पतालों में संक्रमितों के इलाज में रेमडेसिविर इंजेक्शन का इस्तेमाल हो रहा है, उन्हें फौरन इसे रोकना चाहिए। संगठन के मुताबिक, इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि यह दवा कोरोना के इलाज में मददगार है।

बता दें WHO लगातार रेमडेसिविर के इस्तेमाल पर रोक लगाने की सलाह दे रहा है। ‘द गार्डियन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने इलेक्शन कैम्पेन के दौरान जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प संक्रमित हुए थे तो उनके इलाज में रेमडेसिविर का इस्तेमाल किया गया था।

अब तक करीब 6 करोड़ लोग हुए संक्रमण का शिकार

गौरतलब है कि दुनियाभर में अब तक 5।72 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 3।96 करोड़ लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 13।64 लाख लोगों की जान जा चुकी है। इस समय दुनिया भर में अब 1।61 करोड़ मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है, यानी एक्टिव केस हैं।

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