Daughter’s Day : क्योंकि बेटियां बोझ नहीं होतीं, वे होती हैं माता-पिता का मान-सम्मान

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चैतन्य भारत न्यूज

भारत में सितंबर महीने के चौथे रविवार को बेटी दिवस (Daughters Day) के रूप में मनाया जाता है। बेटियां वंश को आगे तो बढ़ाती ही हैं और साथ ही वे परिवार की रौनक भी होती हैं। इस दिन बेटियों के सम्मान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए और उनकी अहमियत बताने के लिए कई आयोजन किए जाते हैं।



कैसे हुई बेटी दिवस मनाने की शुरुआत?

दुनियाभर में अलग-अलग दिन बेटी दिवस मनाया जाता है। भले ही आज के समय में बेटियों ने कितनी भी तरक्की कर ली हो और वे बेटों की बराबरी कर रहीं हो, लेकिन समाज के कई हिस्सों में आज भी बेटियों को बेटों से कमतर आंका जाता है। इसे देखते हुए कुछ देशों की सरकार ने मिलकर समानता को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया और बेटी दिवस मनाने की शुरुआत की।

क्यों मनाया जाता है बेटी दिवस?

बेटियों को प्यार जताने और उनकी अहमियत समझाने के लिए इस दिन को मनाया जाता है। भारत में बेटी दिवस मनाने की एक वजह बेटी के लिए लोगों को जागरुक करना भी है। बेटियों को जन्म से पहले मारना, दहेज और दुष्कर्म से बेटियों को बचाना, घरेलू हिंसा, उन्हें पढ़ाना-लिखाना आदि के लिए लोगों को जागरूक करना ही इस दिन को मनाने का उद्देश्य है। साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को यह समझाना कि बेटियां बोझ नहीं होती बल्कि वह आपका मान-सम्मान होती हैं।

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