Teachers Day 2020: आखिर क्यों 5 सितंबर को ही मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानें इससे जुड़ी 10 खास बातें

चैतन्य भारत न्यूज

हर साल 5 सितंबर को भारत में टीचर्स डे यानी शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इस दिन छात्र अपने-अपने तरीके से शिक्षकों के प्रति प्यार और सम्मान जाहिर करते हैं। लेकिन इस बार कोरोना के चलते स्कूल और कॉलेज बंद हैं, ऐसे में अधिकांश जगहों पर यह ऑनलाइन ही मनाया जाएगा। बहुत कम लोगों को पता है कि 5 सितंबर को टीचर्स डे क्यों मनाया जाता है? अगर आपको नहीं पता है, तो आइए जानते हैं-

5 सितंबर को क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस?

इस दिन देश के प्रथम उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था। राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को तमिलनाडु राज्य के चेन्नई स्थित तिरुमनी गांव में एक गरीब ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम सर्वपल्ली वीरासमियाह और माता का नाम सीमाम्मा था। राधाकृष्ण बचपन से मेधावी छात्र थे। उन्हें किताब पढ़ने का शौक था। जबकि उनके आदर्श विवेकानंद थे।

1902 में उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। 1908 में मैसूर महाविद्यालय से दर्शन शास्त्र में एम.ए. की डिग्री हासिल की और 1918 में मैसूर महाविद्यालय सहायक प्रिंसिपल बने। आजादी के बाद राधाकृष्णन देश के प्रथम उप-राष्ट्रपति बने। जबकि सन 1954 में जब देश के राष्ट्रपति बनें, तो उनके मित्र और छात्र उनसे मिलने पहुंचें। इस मौके पर उनके छात्रों ने शिक्षक दिवस मनाने की इच्छा जताई। उस समय राधाकृष्णन उनको मना नहीं कर सके और उन्होंने कहा कि ‘ये मेरा सौभग्य होगा यदि 5 सितंबर को मेरे जन्मदिन पर शिक्षक दिवस मनाया जाए।’ तभी से शिक्षक दिवस राधाकृष्णन के जन्मदिन यानी 5 सितंबर को मनाया जाता है।

यहां पढ़ें शिक्षक दिवस से खास बातें:

  1.  1962 में देश के राष्ट्रपति बने डॉक्टर राधाकृष्णन एक महान शिक्षाविद् और शिक्षक के रूप में दुनियाभर में जाने जाते हैं।
  2. डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का मानना था कि देश में सर्वश्रेष्ठ दिमाग वाले लोगों को ही शिक्षक बनना चाहिए।
  3. डॉक्टर राधाकृष्णन के पिता उनके अंग्रेजी पढ़ने या स्कूल जाने के खिलाफ थे। वह अपने बेटे को पुजारी बनाना चाहते थे।
  4. डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन बेहद ही मेधावी छात्र थे और उन्होंने अपनी अधिकतर पढ़ाई छात्रवृत्ति के आधार पर ही पूरी की।
  5. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रों में इतने लोकप्रिय थे कि जब वह कलकत्ता जा रहे थे, उन्हें मैसूर विश्वविद्यालय से रेलवे स्टेशन तक फूलों की बग्घी में ले जाया गया था।
  6. जाने-माने प्रोफेसर एच.एन.स्पेलडिंग डॉक्टर राधाकृष्णन के लेक्चर से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने लंदन विश्वविद्यालय में उनके लिए चेयर स्थापित करने का फैसला कर लिया।
  7. शिक्षा के क्षेत्र में डॉक्टर राधाकृष्णन के अभूतपूर्व योगदान के लिए 1931 में उन्हें ब्रिटिश सरकार ने नाइट के सम्मान से भी नवाजा।
  8. दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में अलग-अलग तारीख पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है। हालांकि विश्व शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है।
  9. यूनेस्को ने 1994 में शिक्षकों के कार्य की सराहना के लिए 5 अक्तूबर को विश्व शिक्षक दिवस के रूप में मनाने को लेकर मान्यता दी थी।
  10. अमेरिका में 1944 में मैटे वायटे वुडब्रिज ने सबसे पहले वकालत की। फिर 1953 में कांग्रेस ने मान्यता दी। 1980 में 7 मार्च को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के रूप में चुना गया। मगर बाद में मई के पहले मंगलवार को इसका आयोजन किया गया। सिंगापुर में सितंबर के पहले शुक्रवार को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। जबकि अफगानिस्तान में पांच अक्टूबर को ही यह दिवस मनाया जाता है।

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