50% महिला पुलिसकर्मी का मानना- उनके साथ बराबरी का सलूक नहीं होता, देश में महज 7.28% महिला पुलिसकर्मी

female police

चैतन्य भारत न्यूज

देशभर की महिला पुलिसकर्मियों की वर्त्तमान स्थिति को लेकर हाल ही में एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, हर चार में से एक पुरुष पुलिसकर्मी को यह लगता है कि महिला पुलिसकर्मी मेहनती नहीं होती, वह अकुशल होती हैं और उन्हें सिर्फ घर के काम ही करना चाहिए।

पुलिस व्यवस्था पर कराए गए इस सर्वे में 20% महिला पुलिसकर्मियों से बातचीत हुई जिसमें ये सामने आया कि, उन्हें इनहाउस कामों जैसे रजिस्टर, फाइल संभालने और डेटा खोजने वाले काम ज्यादा दिए जाते हैं। इसके अलावा हर चार में से एक महिला पुलिसकर्मी का कहना है कि, उनके थाने में यौन प्रताड़ना के मामलों की जांच करने वाली समिति नहीं है। साथ ही ज्यादातर महिला पुलिसकर्मियों का यह भी कहना है कि उनके थाने में महिलाओं के लिए अलग से टॉयलेट भी नहीं बना है। सर्वे में यह भी सामने आया कि देश की 50% महिला पुलिसकर्मी का यह मानना है कि उनके साथ बराबरी का सलूक नहीं होता।

सीएसडीएस की रिपोर्ट के मुताबिक, हमारे देश में पुरुषों के मुकाबले महज 7.28% ही महिला पुलिसकर्मी हैं। जबकि सरकार ने यह तय किया है कि हर राज्य में 33% महिला पुलिसकर्मी होना चाहिए। लेकिन अब तक किसी भी राज्य में यह संख्या पूरी नहीं हुई है। सबसे ज्यादा 12.9% महिला पुलिसकर्मी तमिलनाडु राज्य में हैं। बता दें महिला पुलिस में अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी के पदों की कई सारी रिक्तियां भी हैं। इसके अलावा उत्तरप्रदेश और बिहार में तो यह स्थिति है कि यहां 53% से 60% तक आरक्षित पद भी नहीं भरे गए हैं।

ये भी पढ़े… 

घरेलू हिंसा की शिकार हुई महिलाओं की कहानी और दर्द को बयां करता है ये वीडियो, जरुर देखें

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला- शादी के लिए महिलाओं को वर्जिनिटी जाहिर करने की कोई जरुरत नहीं

भेदभाव से तंग आकर चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ लगाकर ऑफिस पहुंचीं सभी महिला वैज्ञानिक

Related posts