World Blood Donor Day: आपका एक यूनिट खून बचा सकता है चार लोगों की जान, जानिए रक्तदान के फायदे

चैतन्य भारत न्यूज

हर वर्ष 14 जून को ‘विश्व रक्तदान दिवस’ (World Blood Donor Day) मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित रक्त उत्पादों की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाना और रक्तदाताओं के सुरक्षित जीवन रक्षक रक्त के दान करने हेतु उन्हें प्रोत्साहित करते हुए आभार व्यक्त करना है। एक यूनिट खून चार लोगों की जान बचा सकता है। भारत विश्व की सबसे बड़ी आबादी वाला देश होने के बावजूद रक्तदान में काफी पीछे है। रक्त की कमी को खत्म करने के लिए विश्व भर में रक्तदान दिवस मनाया जा रहा है।

14 जून को रक्तदान दिवस मनाने का कारण

विश्व रक्तदान दिवस, शरीर विज्ञान में नोबल पुरस्कार प्राप्त कर चुके वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टाईन की याद में पूरी विश्व में मनाया जाता है। महान वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टाईन का जन्म 14 जून 1868 को हुआ था। उन्होंने मानव रक्त में उपस्थित एग्ल्युटिनिन की मौजूदगी के आधार पर रक्तकणों का ए, बी और ओ समूह की पहचान की थी। रक्त के इस वर्गीकरण ने चिकित्सा विज्ञान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसी खोज के लिए महान वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टाईन को साल 1930 में नोबल पुरस्कार दिया गया था। उनकी इसी खोज से आज करोड़ों से ज्यादा रक्तदान रोजाना होते हैं और लाखों की जिंदगियां बचाई जाती हैं।

उद्देश्य और थीम

इस दिन रक्त जागरूकता अभियान चलाया जाता है और लोगों को मुफ्त रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया जाता है। विश्व रक्तदाता दिवस 2020 की थीम है ‘सुरक्षित रक्त, बचाए जीवन’ (Safe blood saves lives)। इसी के साथ विश्व रक्त दाता दिवस 2020 पर और नारा यानी स्लोगन दिया गया है ‘रक्त दें और दुन‍िया को एक सेहतमंद जगह बनाएं (Give blood and make the world a healthier place)।

कौन कर सकता है रक्तदान

कोई भी स्वस्थ व्यक्ति 18 साल की उम्र के बाद ही, 45 से 50 किलोग्राम से ज्यादा वजन होने पर रक्तदान कर सकता है। रक्तदाता को एचआईवी, हेपाटिटिस बी या हेपाटिटिस सी जैसे रोग न हुए हों। रक्तदान करने वाले के शरीर में आयरन की मात्रा भरपूर होनी चाहिए।

रक्तदान करने के फायदे

  • रक्तदान से हार्ट अटैक की संभावनाएं कम होती हैं। क्योंकि रक्तदान से खून का थक्का नहीं जमता, इससे खून कुछ मात्रा में पतला हो जाता है और हार्ट अटैक का खतरा टल जाता है।
  • रक्तदान करने से वजन कम करने में मदद मिलती है। इसीलिए हर साल कम से कम 2 बार रक्तदान करना चाहिए।
  • रक्तदान से शरीर में एनर्जी आती है। क्योंकि दान के बाद नए ब्लड सेल्स बनते हैं, जिससे शरीर में तंदरूस्ती आती है।
  • खून डोनेट करने से लिवर से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलती है। शरीर में ज़्यादा आइरन की मात्रा लिवर पर दवाब डालती है और रक्तदान से आइरन की मात्रा बैलेंस हो जाती है।
  • आइरन की मात्रा को बैलेंस करने से लिवर हेल्दी बनता है और कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है।
  • डेढ़ पाव खून का दान करने से आपके शरीर से 650 कैलोरीज़ कम होती है।

रक्तदान करने से पहने इन बातों का ध्यान रखें

  • रक्त देने से 24 घंटे पहले से ही शराब, धूम्रपान और तम्बाकू का सेवन ना करें।
  • खुद की मेडिकल जांच के बाद ही रक्तदान करें और डॉक्टर को सुनिश्चित करें कि आपको कोई बीमारी ना हो।
  • रक्तदान करने से पहले अच्छी नींद लें। तला खाना और आइसक्रीम न खाएं।
  • शरीर में आइरन की मात्रा भरपूर रखें। इसके लिए दान से पहले खाने में मछली, बीन्स, पालक, किशमिश या फिर कोई भी आइरन से भरपूर चीज़ें खाएं।

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