Breastfeeding Week : ब्रेस्टफीडिंग वीक मनाने के पीछे है बेहद खास वजह, जानिए स्तनपान करवाने के फायदे

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चैतन्य भारत न्यूज

मां बनना दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास होता है। वो सभी अनुभव भी खास होते हैं जो मां बनने की अनुभूति कराते हैं। इन्हीं अनुभवों में से एक होता है ब्रेस्ट फीडिंग। बता दें ब्रेस्ट फीडिंग का मतलब है मां का अपने बच्चे को स्तनपान करवाना। आज से दुनियाभर में ‘ब्रेस्ट फीडिंग वीक’ मनाने की शुरूआत हो चुकी है। हर साल 1 से 7 अगस्त तक ‘ब्रेस्ट फीडिंग वीक’ मनाया जाता है। इस खास सप्ताह चैतन्य भारत न्यूज.कॉम की विशेष प्रस्तुति।

क्यों मनाया जाता है ब्रेस्ट फीडिंग वीक

इस सप्ताह को मनाने का खास उद्देश्य महिलाओं को स्तनपान के प्रति जागरूक करना है, क्योंकि ये मां और शिशु दोनों के लिए ही फायदेमंद होता है। लेकिन आज के समय में अक्सर महिलाएं बच्चे के जन्म के बाद स्तनपान नहीं करवाती हैं। बता दें जन्म के बाद शिशु को सिर्फ मां के दूध की जरूरत होती है। जन्म के समय वह इतना छोटा होता है कि उसके अंदर कुछ पचाने की क्षमता नहीं होती है। ऐसे समय में बच्चे के लिए मां का दूध अमृत के समान होता है।

शिशु को इस उम्र तक कराएं स्तनपान

जन्म के 6 महीने बाद तक ही मां को शिशु को अपना दूध पिलाना चाहिए। इससे शिशु का शारीरिक विकास भी पूरी तरह होता है। लेकिन कुछ महिलाएं अपने बच्चे को लंबे समय तक स्तनपान करवाती रहती हैं। बता दें 6 महीने से ज्यादा दूध पिलाने से औरतों के शरीर पर बुरा असर भी पड़ सकता है।

पोषक तत्वों से भरपूर मां का दूध

मां के दूध में फैट, शुगर, पानी और प्रोटीन की सही मात्रा होती है, जो बच्चे की अच्छी सेहत के लिए बेहद जरूरी है। डॉक्टरों के मुताबिक, मां के दूध में मैक्रोन्यूट्रिएंट्स, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, बायोएक्टिव घटकों, वृद्धि के कारकों और रोग प्रतिरोधक घटकों का मिश्रण होता है। इस मिश्रण से शारीरिक और मानसिक दोनों ही विकास में मदद मिलती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन बच्चों को मां का दूध नहीं दिया जाता है, उन्हें संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है।

स्तनपान करवाने के फायदे-

हड्डियां मजबूत होना
मां का दूध पीने से बच्चे के शरीर को कई सारे विटामिन्स और प्रोटीन मिलते हैं। इससे बच्चे की हड्डियां मजबूत होती हैं। मां के दूध से मिलने वाले पोषक तत्व बच्चों की हड्डियों को मजबूत करने के साथ ही उनको बीमारियों से बचाने का काम करता है।

दिमाग का विकास
मां का दूध पीने से बच्चे का दिमागी विकास भी पूरा होता है। इससे बच्चे के सोचने समझने की क्षमता बढ़ती है। यदि आप चाहते हैं कि आपका बच्चा इंटेलिजेंट हो तो उसको स्तनपान जरूर करवाएं।

एलर्जी से बच्चों को सुरक्षा
मां के दूध में कुछ ऐसे गुण पाए जाते हैं जिससे बच्चे को किसी भी तरह की एलर्जी नहीं होती। इसलिए बच्चे के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए उन्हें 6 महीने तक स्तनपान करवाएं।

मोटापे से बचाव
कहा जाता है कि स्तनपान करवाने से बच्चों को मोटापे की समस्या नहीं होती। इसलिए बच्चों को जितना मां का दूध मिलेगा वह आगे चलकर उतना ही फिट रहेंगे।

बीमारियों से सुरक्षा
इसके अलावा स्तनपान करने से बच्चों को टाइप 1, टाइप 2 डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना और आंत संबंधी बीमारियां होने का खतरा कम रहता है।

 

 

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