World Food Safety Day: जानिए क्यों मनाया जाता है यह दिवस, कोरोना संकट में खाद्य सुरक्षा और ज्यादा जरूरी

चैतन्य भारत न्यूज

दुनियाभर में 7 जून को ‘विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस’ (World Food Safety Day) के रूप में मनाया गया। इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिसंबर 2018 में खाद्य और कृषि संगठन के सहयोग से अपनाया गया था। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा, मानव स्वास्थ्य, आर्थिक समृद्धि, कृषि, बाजार पहुंच, पर्यटन में योगदान को रोकने, पता लगाने और प्रबंधन करने में मदद करने के लिए ध्यान आकर्षित करना है।

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित और पौष्टिक भोजन का उपयोग जीवन को बनाए रखने और अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। खाद्यान्न संबंधी बीमारियां स्वास्थ्य, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं, पर्यटन और व्यापार को नुकसान पहुंचाकर सामाजिक आर्थिक विकास को बाधित करती हैं।

रोटी, कपड़ा और मकान को मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताएं कहा जाता है। इन मूलभूत आवश्यकताओं की आवश्यकता को पूरा करने के लिए इंसान बहुत मेहनत करता है। भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियां आम जनता को सुरक्षित भोजन के महत्व के बारे में पर्याप्त जानकारी प्रदान करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने अपनी दो एजेंसियों, खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को दुनिया भर में खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों का नेतृत्व करने के लिए सौंपा है।

अनुमानित रूप से खाद्य जनित बीमारियों के 600 मिलियन मामलों के साथ दुनिया में 10 में से लगभग 1 व्यक्ति दूषित खाने के कारण बीमार पड़ जाते हैं, दुनिया भर में हर देश, छोटे से लेकर बड़े, अमीर से लेकर गरीब, खाद्य जनित बीमारियों से पीड़ित है, लेकिन आज ऐसा नहीं है। आपूर्ति विभाग खाद्यान समस्याओं को काफी हद तक हल करने में सफल हो गया है। हमारे द्वारा उपभोग किए जाने वाले भोजन को सुरक्षित रखने के लिए खेत से लेकर खाने की टेबल तक हर किसी की भूमिका होती है। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के माध्यम से, डब्ल्यूएचओ सार्वजनिक एजेंडे में खाद्य सुरक्षा की मुख्यधारा में आने के लिए अपने प्रयासों का अनुसरण करता है और विश्व स्तर पर खाद्य जनित बीमारियों के बोझ को कम करता है।

सरकारी पहलें

  • भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India-FSSAI) ने राज्यों द्वारा सुरक्षित
  • खाद्य उपलब्ध कराए जाने के प्रयासों के संदर्भ में पहला राज्य खाद्य सुरक्षा इंडेक्स (State Food Safety Index-SFSI) विकसित किया है।
  • इस इंडेक्स के माध्यम से खाद्य सुरक्षा के पाँच मानदंडों पर राज्यों का प्रदर्शन आँका जाएगा। इन श्रेणियों में निम्नलिखित मानदंड शामिल हैं-
    -मानव संसाधन और संस्थागत प्रबंधन
    -कार्यान्वयन, खाद्य जाँच-अवसंरचना और निगरानी
    -प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
    -उपभोक्ता सशक्तीकरण
  • एक अभिनव और बैट्री से चलने वाले ‘रमन 1.0’ नामक उपकरण का शुभारंभ भी किया है। यह उपकरण खाद्य तेलों, वसा और घी में की गई मिलावट का एक मिनट से भी कम समय में पता लगाने में सक्षम है।
  • स्कूलों तक खाद्य सुरक्षा का मुद्दा ले जाने के लिये ‘फूड सेफ्टी मैजिक बॉक्स’ नामक नवाचारी समाधान की भी शुरुआत की गई है।
  • स्वयं ही खाने में मिलावट की जाँच करने वाले इस किट में एक मैनुअल और एक उपकरण लगा है।
  • भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने विश्वविद्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, संस्थानों, कार्यस्थलों, रक्षा/अर्द्ध सैनिक प्रतिष्ठानों, अस्पतालों और जेलों जैसे 7 परिसरों को ‘ईट राइट कैंपस’ के रूप में घोषित किया है।
  • भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India-FSSAI) ने खाद्य कंपनियों और व्यक्तियों के योगदान को पहचान प्रदान करने के लिये ‘ईट राइट अवार्ड’ की स्थापना की है, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और स्वास्थ्यकर खाद्य विकल्प चुनने में सशक्त बनाया जा सके।

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