विश्व धरोहर दिवस : जानें कब और कैसे हुई थी इस दिवस की शुरुआत? भारत में हैं विश्व के 36 धरोहर

चैतन्य भारत न्यूज

18 अप्रैल का दिन पूरी दुनिया में ‘विश्व धरोहर दिवस’ (World Heritage Day) मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों में प्राचीन धरोहरों और स्थलों के बारे में जागरूकता पैदा करना था। इस दिन को दुनियाभर की पुरानी स्मारकों और ऐतिहासिक दृष्टी से महत्वपूर्ण स्थलों के लिए खास माना जाता है. किसी भी राष्ट्र का इतिहास, उसके वर्तमान और भविष्य की नींव होता है। जिस देश का इतिहास जितना गौरवमयी होगा, वैश्विक स्तर पर उसका स्थान उतना ही उच्च माना जाएगा। विश्व विरासत के स्थल किसी भी राष्ट्र की सभ्यता और उसकी प्राचीन संस्कृति के महत्त्वपूर्ण परिचायक माने जाते हैं।

विश्व धरोहर दिवस का इतिहास

विश्व धरोहर दिवस सबसे पहले 18 अप्रैल, 1982 को ट्यूनीशिया में ‘इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ मोनुमेंट्स एंड साइट्स’ द्वारा मनाया गया था। विश्व प्रसिद्ध इमारतों और प्राकृतिक स्थलों की रक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संगठन ने साल 1968 में प्रस्ताव रखा था। स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान साल 1972 में इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र के सामने रखा गया था। उसी समय प्रस्ताव पारित किया गया। इस तरह विश्व के लगभग सभी देशों ने मिलकर ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों को बचाने की शपथ ली। बाद में साल 1983 में यूनेस्को ने भी इसे मान्यता दे दी।

विश्व में कुल इतने धरोहर स्थल हैं

यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की लिस्ट में इस समय कुल 1090 स्थल शामिल हैं। इनमें लिस्ट में 845 स्थल सांस्कृतिक, 209 प्राकृतिक और 23 मिश्रित स्थल हैं। स्थलों की संख्या के आधार पर बात करें तो इटली पहले, चीन दूसरे और स्पेन तीसरे, फ्रांस चौथे और जर्मनी पांचवे नंबर पर आता है। बात करें भारत की तो 37 धरोहर स्थलों के साथ भारत इस लिस्ट में 6ठें नंबर पर आता है।

विश्व धरोहर स्थल क्या होता है?

विश्व धरोहर या विश्व विरासत सांस्कृतिक महत्व और प्राकृतिक महत्व के स्थल होते हैं। ये वो स्थल होते हैं जो ऐतिहासिक और पर्यावरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होते हैं। इन स्थलों का अंतरराष्ट्रीय महत्व होता और इन्हें बचाए रखने के लिए खास कदम उठाए जाने की जरूरत होती है। ऐसे स्थलों को आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को विश्व धरोहर की मान्यता प्रदान करती है।

विश्व धरोहरों में शामिल भारत के सभी स्थल

अजंता गुफा-ऐलोरा की गुफाएं, आगरा किला, ताजमहलस, कोणार्क का सू्र्य मंदिर, महाबलिपुरम के स्मारक चिह्न, काजीरंगा नैशनल पार्क, मानस वन्यजीव अभ्यारण्य, केवलादेव नैशनल पार्क, गोवा के चर्च और मठ, खजुराओ स्मारक, कर्नाटक का हम्पी, फतेहपुर सीकरी, पत्तादकल (कर्नाटक), ऐलिफेंटा की गुफा, चोला के प्रसिद्ध मंदिर, सुंदरबन नैशनल पार्क, नंदा देवी नैशनल पार्क, सांची का बुद्ध स्तूप, हुमायूं का मकबरा, कुतुब मीनार, भारतीय रेलवे के हिल स्टेशन, महाबोधी मंदिर समूह, भीमबेटका की गुफाएं, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, चंपानेर-पावागढ़ पुरातत्व उद्यान, लाल किला, जयपुर का जंतर-मंतर, पश्चिमी घाट, राजस्थान के पहाड़ी किले, गुजरात में रानी की वाव, हिमालय नैशनल पार्क, नालंदा, कंचनजंगा नैशनल पार्क, चंडीगढ़ का ले करबुसिएर संग्रहालय, ऐतिहासिक शहर अहमदाबाद, मुंबई की द विक्टोरियन और आर्ट डेको एनसेंबल ने इस लिस्ट में जगह बनाई है।

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