विश्व फोटोग्राफी दिवस : जानिए कैसे हुई इस दिन की शुरुआत, इन तस्वीरों ने हर किसी को हैरान कर दिया

world photography day

चैतन्य भारत न्यूज

यदि किसी पल को अमर और यादगार बनाना हो तो उसे तस्वीरों में कैद कर लेना चाहिए, क्योंकि तस्वीरें हमेशा जिंदा रहती हैं। तस्वीरों का महत्त्व बताने के लिए ही हर साल 19 अगस्त को दुनियाभर में ‘वर्ल्ड फोटोग्राफी डे’ मनाया जाता है। आइए जानते हैं कैसे हुई ‘वर्ल्ड फोटोग्राफी डे’ मनाने की शुरुआत।

कैसे हुई शुरुआत

इस दिवस को मनाने के पीछे भी एक कहानी है। दरअसल फ्रांसीसी वैज्ञानिक लुईस जेक्स और मेंडे डाग्युरे ने सबसे पहले सन 1839 में फोटो तत्व की खोज की थी। साल 1834 में टेल बॉट ने लाइट सेंसेटिव पेपर का आविष्कार किया जिससे खींचे चित्र को स्थाई रूप में रखने की सुविधा प्राप्त हुई।

फ्रांसीसी वैज्ञानिक आर्गो ने 7 जनवरी 1839 को फ्रेंच अकादमी ऑफ साइंस के लिए एक रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद फ्रांस सरकार ने यह प्रोसेस रिपोर्ट खरीदकर 19 अगस्त 1939 को आम लोगों के लिए फ्री घोषित कर दिया था। इसी उपलब्धि की याद में 19 अगस्त का दिन ‘विश्व फोटोग्राफी दिवस’ के रूप में मनाया जाने लगा।

विश्व फोटोग्राफी दिवस का महत्व

फोटोग्राफी के शौकीन लोग ज्यादा क्रिएटिव होते हैं, जो हमेशा ऐसे तस्वीरें हमारे सामने लाते हैं जिससे हमारे सामने समाज और प्रकृति की खुबसूरती आती है। फोटोग्राफी के क्षेत्र में लोगों में जागरूकता पैदा करने, विचारों को साझा करने और सबको प्रोत्साहित करने के लिए खासतौर से यह दिन मनाया जाता है।

 

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