तेलंगाना के यदाद्री मंदिर का पुनर्निर्माण 1800 करोड़ में, 39 किलो सोना और 1753 टन चांदी से मढ़ी जाएंगी दीवारें

चैतन्य भारत न्यूज

हैदराबाद. आंध्रप्रदेश से अलग होने के बाद साल 2014 से ही तेलंगाना में मंदिरों की कमी हो गई थी। विभाजन के बाद दुनियाभर में प्रसिद्ध तिरुमाला तिरुपति मंदिर आंध्रप्रदेश के हिस्से में चला गया था। ऐसे में तेलंगाना सरकार ने इस कमी को पूरा करने के लिए 1800 करोड़ रुपए की लागत से एक महत्वपूर्ण स्थान, यदाद्री लक्ष्मी-नरसिम्हा मंदिर को भव्य रूप दिया है। यह मंदिर यदाद्रीगिरीगुट्टा के नाम से भी प्रसिद्द है। जानकारी के मुताबिक, इस साल के अंत तक तेलंगाना को भी अपना ‘तिरुपति मंदिर’ मिल जाएगा।

हजारों साल पुराना है मंदिर 

यदाद्री भुवनगिरी जिला हैदराबाद से करीब 60 किमी दूर है जहां स्थित लक्ष्मी-नरसिंह मंदिर तीन वर्षों में रूपांतरित हो गया है। मंदिर के कायाकल्प के लिए इंजीनियरों और आर्किटेक्ट्स ने करीब 1500 नक्शों और योजनाओं पर काम किया। बता दें इस मंदिर की योजना को साल 2016 में मंजूरी मिली थी। कई हजार साल पुराने इस मंदिर का क्षेत्रफल करीब 9 एकड़ था। मंदिर को भव्य रूप देने के लिए 1900 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इसमें 300 करोड़ रुपए लगे।


महत्वाकांक्षी परियोजनाएं

इस मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण में मिलता है। मंदिर की भव्यता का अंदाजा आप इसी के जरिए लगा सकते हैं कि इसमें 39 किलो सोने और लगभग 1753 टन चांदी से सभी दरवाजों और दीवारों को मढ़ा जाएगा। फिलहाल इस योजना पर काम चल रहा है। पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर तेलंगाना के लिए महत्वाकांक्षी परियोजना है। मंदिर का कार्य पूरा होने पर यहां बड़ी संख्या में पर्यटकों के प्रवेश करने की उम्मीद है।

भक्तों के लिए सभी सुविधाएं 

मंदिर तक पहुंचने के लिए हैदराबाद सहित सभी प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए सभी चार प्रमुख सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। मंदिर के लिए अलग से बस स्टैंड भी बनाया जा रहा है, जिसमें वीआईपी से लेकर आम नागरिकों की सुविधा को देखते हुए कई सुविधाएं शामिल होंगी। अतिथि गृह सहित मेहमानों के लिए 15 आवासों का निर्माण किया गया है। पार्किंग व्यवस्था को देखते हुए मंदिर में एक समय में 200 कारों की पार्किंग की सुविधा भी रहेगी।

भव्य मुख्य द्वार

मंदिर का मुख्य द्वार ‘राजगोपुरम’ लगभग 84 फीट ऊंचा होगा। मंदिर में 6 और भी गोपुर होंगे। ये द्रविड़, पल्लव, चुल, चालुक्य और काकती राजगोपुरम की वास्तुकला में दिखाई देंगे।

द्वार पर 56 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा

यदाद्री मंदिर के मुख्य द्वार के रूप में भगवान हनुमान की 56 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, इस विशाल हनुमान प्रतिमा को करीब 25 फीट के स्टैंड पर खड़ा किया जाएगा। मंदिर में आने वाले भक्तों को यह प्रतिमा कई किमी दूरी से ही दिखाई देने लगेगी।

मंदिर में लगे हजारों साल तक मौसम की मार झेलने वाले पत्थर

यदाद्री मंदिर में जिन पत्थरों का उपयोग किया गया है, वे करीब एक हजार साल तक हर तरह के मौसम की मार झेल सकते हैं। इन पत्थरों के मूल स्वरूप में मौसम से कोई परिवर्तन नहीं होगा।

फरवरी में होगा महायज्ञ

बताया जा रहा है कि मंदिर का सारा काम दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। फिर फरवरी में मंदिर में एक बड़े यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। यह मंदिर के उद्घाटन समारोह जैसा होगा। इसकी तैयारियां भी बड़े स्तर पर की जा रही हैं।

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